आप जरूर खेलें कोई खेल
खेल में जिस असली चीज की जरूरत होती है, वह है उसमें पूरी तरह शामिल होना। बिना पूरी तरह शामिल हुए यह नहीं होगा। यही सहभागिता हमारे जीवन की कुंजी है।
 
आप जरूर खेलें कोई खेल
 

कुछ समय पहले की बात है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो व उनका कोई एक साथी आपस में मिलकर अपने पैरों व बॉल के कुछ बेहतरीन करतब दिखा रहे थे। बॉल के साथ वे जो कुछ भी कर रहे थे, वो अपने आप में अद्भुत था। बिना किसी खेल या मैच के वे दोनों आपस में मिलकर अपना जो कौशल दिखा रहे थे, वो जादू सरीखा था। अपने पैरों से जो वे बॉल के साथ कर रहे थे, वह अपने आप में अविश्सवीय था, बॉल पर उनका कंट्रोल देखने लायक था। तो बुनियादी रूप से मेरे लिए खेल का मतलब अपने शरीर और दिमाग को पैने तरीके से चलाना है। अगर आप फ्रिस्बी को सही तरीके से फेंकना चाहते हैं तो इसमें भी बहुत सारा विज्ञान लगता है। अचानक कभी इसे किसी भी तरीके से फेंक देना अलग बात है, लेकिन हर बार इसे अपने मनचाहे तरीके से फेंकने के लिए काफी चीजें मायने रखती हैं। यही वो चीज थी, जिसकी वजह से मेरा गोल्फ के साथ लगाव शुरू हुआ - इसमें भी बहुत सारी चीजें शामिल होती हैं। दूसरे खेलों में मसलन क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल अथवा टेनिस में बॉल आपके पास इतने अलग-अलग कोणों, दिशाओं, गति, व घुमावों से आती हैं कि खेल के दौरान आपको इन सभी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। वहीं गोल्फ में बॉल चुपचाप बैठकर आपके हिट का इंतजार करती है, लेकिन फिर भी आप उसे सही जगह नहीं मार पाते। उस छोटी सी बॉल को सही जगह मारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है, उसमें शरीर व मन का जबरदस्त जुड़ाव चाहिए होता है। इसलिए मैं इसे हमेशा बहुत पसंद करता हूं। इसे खेलते समय मुझे अपने शरीर व मन का बहुत बारीकी और फुर्ती से इस्तेमाल करना होता है। अब फुटबॉल को ही ले लीजिए, महज 22 लोग खेलते हैं और पूरी दुनिया में लगभग चार अरब लोग इसे देखकर रोमांचित होते हैं। क्या दुनिया में कोई और चीज इतने लोगों को एक साथ इस तरह से रोमांचित कर सकती है? मनोरंजन के दूसरे साधनों, मसलन किसी फिल्म को ही ले लीजिए, क्या वह इतने लोगों को एक साथ रोमांचित कर सकती है? हालांकि फिल्मों में लोग हर तरह से उत्तेजना पैदा करने करने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे कि उसमें कामुकता या दूसरे मसाले डालते हैं। बावजूद इसके, इतना कुछ करने के बाद भी वह फिल्म, फुटबॉल के दीवानों की संख्या से आधी भी जनसंख्या को रोमांचित नहीं कर पाती। यह खेल लोगों को अगर दीवाना व पागल बना रहा है तो उसकी वजह है - इस खेल में शामिल तीव्रता व जुड़ाव। दरअसल, किसी चीज से जुडऩे या उसमें पूरी तरह से डूबने में ही जीवन है।

खेल ऐसी चीज है जिसमें पूरी तरह डूबना ही पड़ता है - यह इसकी जरुरत है।

खेल ऐसी चीज है जिसमें पूरी तरह डूबना ही पड़ता है - यह इसकी जरुरत है। यही खेल की सबसे अच्छी बात है कि आप आधे-अधूरे मन से खेल नहीं सकते। आपको खेल में अपने आप को पूरी तरह से झोंक देना होता है, उसमें पूरी तरह शामिल होना होता है, वर्ना वह खेल नहीं हो सकता। तब तो वह एक तरह का अत्याचार होगा या खेलने वाले के लिए पीड़ा होगी। फिर चाहे वह कैसा भी खेल हो। खेल का बहुत ज्यादा व्यवस्थित होना जरूरी नहीं है। खेल में जिस असली चीज की जरूरत होती है, वह है उसमें पूरी तरह शामिल होना। बिना पूरी तरह शामिल हुए यह नहीं होगा। यही सहभागिता हमारे जीवन की कुंजी है। जहां सहभागिता नहीं होगी, वहां जीवन नहीं होगा। जीवन के किसी भी क्षेत्र में अगर आप नहीं जानते कि किस तरह से शामिल हुआ जाए, तो आपके लिए वह क्षेत्र जीवन से खाली है। चाहे आपका परिवार हो या आपकी शादी, अगर उसमें आपकी सहभागिता है तो वह रिश्ता शानदार है, वर्ना वो नर्क से कम नहीं। हर किसी को कोई न कोई आसान खेल जरूर खेलना चाहिए। जरूरी नहीं है कि खेल में आप प्रतिस्पर्धा ही करें, लेकिन आपमें से हरेक को किसी न किसी खेल को अपनाना ही चाहिए। यह न सोचें कि आपकी उम्र ज्यादा हो गई है या आप बूढ़े हो गए हैं। आप जीवन के लिए युवा ही हैं, आप इतने युवा हैं कि आप खेल सकते हैं। खेल को अपने जीवन में उतारकर देखें, आपका जीवन बदल जाएगा। अगर आप मैदान में नहीं खेल सकते तो अपने घर में ही आसान खेल खेलें। एक टेनिस बॉल लें और उसे एक-दूसरे की ओर फेंकें। देखिएगा, इससे आपके रिश्तों में भी बदलाव आ जाएगा। अगर आपके बच्चे हैं तो उन्हें किताबें पढ़ाने के बजाय उनके साथ कोई खेल खेलें।

अगर आप अपने परिवार के साथ खेल सकते हैं तो आपकी बहुत-सी चीजें सुधर जाएंगी। आप अपने पड़ोसी के साथ खेल सकते हैं। अगर आपने ऐसा करना शुरू कर दिया तो बहुत सारी चीजें अपने आप सुलझ जाएंगी। खेल की प्रकृति ही कुछ ऐसी है। यह हर चीज को सहज और खूबसूरत बना देता है। जीवन को सहज और खूबसूरत ही होना चाहिए। जीवन को सुंदर बनाने में खेल हमारी काफी मदद करता है।

 
 
 
 
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