शुभकामनाएं: मिले आपको आपका सौभाग्‍य

दिवाली के शुभअवसर पर आनंद लहर के पाठकों को सद्‌गुरु की शुभकामनाएं।
Diwali
 

 

आपने अपने लिए जो भी राह चुनी है, आपनी राह को रौशन करने वाली मुझे रोशनी बना लें। हे मुसाफिर, अपनी राह पर प्रेम और आनंद में खूब कुशलता से चलो, राह में इतना प्रेम व आनंद बिखेरो कि तुम ईश्वर के योग्य हो जाओ।

मेरी शुभकामना है कि यह दीपावली आपके जीवन को अंदर और बाहर से रौशन कर दे।

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कहा जाता है कि दिवाली एक ऐसा अवसर है जिसकी रोशनी में हम अपने सौभाग्य को पा सकते हैं। इसके पहले कि हम अपना सौभाग्य ढूंढ लें, सद्‌गुरु से जानते हैं कि आखिर सौभाग्य है क्या...

सौभाग्यवान

सौभाग्य उन्हें नहीं मिलता
जो जुटे हुए हैं सोने की खोज में या
जो ढूंढ़ते फिरते हैं कचरा बाजारों में

सौभाग्य उन्हें नहीं मिलता
जो गहरे समंदर में खोजते हैं
वो जो उन के पूर्वज ठुकरा सकते थे

सौभाग्य की तलाश करते कई
बन गए नाचीज़ और तुच्छ के दास
शरीर झुक गए सौभाग्य की तलाश में
सिर-फिर गए सौभाग्य की आस में
रूह गुलाम हुईं सौभाग्य की फि़राक में
कई- कई जीवन गंवाए सौभाग्य की तलाश में

जिसके  पीछे भागते हैं सौभाग्य के गुलाम
उसे बांटने  से ही इंसान सौभाग्यवान बनता है

सौभाग्यवान हैं वो जो बांटने से धन्य हो गए
सौभाग्यवान हैं वो जिन्हें बटोरने की जरूरत नहीं रही
सौभाग्यवान हैं वो जो चलते हैं शंभो के इशारे पर
सौभाग्यवान हैं वो जो घुलमिल कर एक हो गए उनके साथ