ध्‍यानलिंग के सात अलग रूप
सप्ताह के अलग अलग दिन ध्यानलिंग के अलग अलग गुण है। जानें किस दिन आप किस तरह के फायदे उठा सकते हैं...
 
Dhyanalinga Isha Foundation
 

Sadhguruसद्‌गुरु :
‘वैसे तो ध्‍यानलिंग की प्रतिष्ठा मुख्य रूप से आध्यात्मिक कुशलता के लिए की गई है, लेकिन अगर आप इसका इस्तेमाल करना चाहें तो इसमें जीवन के भौतिक आयाम भी मौजूद हैं। आध्यात्मिक पहलू हर रोज मौजूद  है, लेकिन जो  भौतिक पहलू हैं वे अलग-अलग दिन ही उपलब्ध हैं।'

सोमवार

मिट्टी तत्व होने के कारण, यह आध्यात्मिक ऊर्जा को बहुत मौलिक रूप में जागृत करता है, और यह भोजन और निद्रा से ऊपर उठने में हमारी मदद करता है। यह, संतान-उत्पत्ति तथा शरीर और मन की दोशशुद्धि में सहायक है। यह व्यक्ति को भावनात्मक तथा आर्थिक असुरक्षा से छुटकारा दिलाता है। यह मृत्यु के डर को दूर करता है। यह व्यक्ति को उसके शरीर के अंदर तथा बाहरी दुनिया में भी ठोस रूप से स्थापित करता है। यह दिन आध्यात्मिक शुरूआत करने वाले जिज्ञासुओं के लिए अत्यधिक अनुकूल है। यह संपूर्ण विकास का मूल है और व्यक्ति में चैतन्य बोध लाता है।

मंगलवार

जल तत्व होने के कारण, यह व्यक्ति के जीवन में तरलता लाता है, ताकि वह अपने जीवन को वैसा बना सके, जैसा वह चाहता है। यह जनन, कल्पना,अंतर्ज्ञान और मानसिक स्थिरता में मदद करता है। यह दाम्पत्य संबंधों को सहारा देता है तथा आंतरिक बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए एक शुभ दिन है।

बुधवार

अग्नि तत्व होने के कारण, यह जीवन के लिए उत्साह पैदा करता है तथा सामान्य स्वास्थ्य में सुधार लाता है। पाचन संबंधी समस्याओं में, भौतिक संपन्नता और स्वास्थ्य में, विशेषकर चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सहायक होता है। यह भौतिक संतुलन लाता है और आत्मविश्वास पैदा करता है। यह स्वार्थहीनता को पोषित करता है और शरीर के विषय में गहन समझ पैदा करता है। यह कार्मिक बंधनों से जल्दी मुक्ति दिलाता है।

गुरूवार

वायु तत्व होने के कारण, इस दिन मुक्ति का मार्ग आपके लिए खुलता है। । यह चैतन्य की खोज के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन उच्च और निम्न ऊर्जाओं के मिलन और संतुलन का दिन है। इस दिन प्रेम और भक्ति के रास्ते आपके लिए खुलते हैं । यह कार्मिक बंधनों से छुटकारा पाने का दिन है।

शुक्रवार

आकाश तत्व हाने के कारण, सीमाहीनता और मुक्ति इसके मुख्य गुण होते हैं। यह दिन नकारात्मक ऊर्जा, जादू, काला जादू तथा बुरे स्पंदनों से ग्रस्त लोगों को शुद्धि प्रदान करता है। यह स्मरण-शक्ति, एकाग्रता, धैर्य, आत्म-विश्‍वास को बढ़ाता है, और प्रकृति के साथ  हमें जोड़ता है। यह भोजन और पानी पर निर्भरता को कम करता है।

शनिवार

महातत्व होने के कारण, यह सभी द्वैत से परे है। यह ज्ञान और मुक्ति की तरफ अग्रसर करता है। शान्ति इस दिन का प्रबल गुण है। जो लोग आत्मज्ञान पाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। यह पंच तत्वों से ऊपर उठने में सहायक है तथा व्यक्ति को विवेक प्राप्ति में मदद करता है। यह ब्रह्मांड  और उसके नियमों के साथ  हमें जोड़ता है। 

रविवार

सभी इंद्रियों से परे यह जीवन का उत्सव मनाता है। यह गुरूकृपा पाने के लिए और स्वयं की सीमाओं को तोड़ने के लिए सर्वोत्‍तम दिन है।

Earth, Water, Fire, Air from pixabay, Space from wikimedia and Meditation from dastaktimes

 
 
 
 
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