कालभैरव शांति प्रक्रिया

पर महालय अमावस्या
एक पवित्र अनुष्ठान (रस्म) के साथ अपने सभी पूर्वजों के प्रति आभार प्रकट करने का एक शुभ वार्षिक अवसर।
5 अक्टूबर, रात 10:45 से रात 12:45 तक (भारतीय समय)
 

कालभैरव शांति प्रक्रिया

पर महालय अमावस्या
एक पवित्र अनुष्ठान (रस्म) के साथ अपने सभी पूर्वजों के प्रति आभार प्रकट करने का एक शुभ वार्षिक अवसर।
5 अक्टूबर, रात 10:45 से रात 12:45 तक (भारतीय समय)
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“हम चाहते हैं कि लोग आनंद से जीएं। अगर वे आनंद से नहीं जीते हैं, तो कम से कम उन्हें शांति से मरना चाहिए। अगर वे यह भी नहीं करते हैं, तो हम उनकी मृत्यु के बाद उनके लिए कुछ करना चाहते हैं।” —सद्गुरु

महालय अमावस्या एक विशेष दिन है, जो हमारे जीवन में योगदान देने वाली पिछली सभी पीढ़ियों के प्रति आभार स्वरूप एक भेंट अर्पित करने के लिए है।

महालय अमावस्या का महत्व

सद्‌गुरु : हमसे पहले पैदा हुई पीढ़ियों के बिना, पहले तो हमारा अस्तित्व ही नहीं होता; दूसरा, उनके योगदान के बिना हमारे पास वह सब कुछ नहीं होता, जो आज हमारे पास है। महालय अमावस्या वो दिन है, जब हम उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस दिन हम अपने दिवंगत माता-पिता को अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, असल में यह हमारे पूर्वजों की उन सभी पीढ़ियों के लिए आभार प्रकट करने का दिन है, जो हमसे पहले इस दुनिया में रहते थे।

कालभैरव शांति

कालभैरव शांति एक पवित्र अनुष्ठान (रस्म) है जिसे किसी भी अमावस्या की रात में, किसी प्रियजन की मृत्यु के बाद किया जा सकता है। महालय अमावस्या पर एक विशेष वार्षिक कालभैरव शांति आयोजित की जाती है।

 

रजिस्ट्रेशन की जानकारी

  1. आवश्यकताएँ:
    • मृतक की तस्वीर
    • मृतक का नाम
    • जन्म तिथि, या जन्म का सही वर्ष और मृत्यु की तारीख, या मृत्यु का सही वर्ष या मृतक के माता और पिता दोनों के नाम।
  2. मृतक की एक ऐसी फोटो होना ज़रूरी है, जिसमें सिर्फ मृतक हो, कोई दूसरा नहीं। प्रक्रिया के लिए एक समूह में खीचें गए फोटो का उपयोग नहीं किया जा सकता है। फोटो तब की होनी चाहिए, जब वह व्यक्ति जीवित था।
  3. गर्भधारण के 48 दिनों या उससे अधिक समय के बाद गर्भपात, या शिशु के मृत पैदा होने के मामले में, मां की तस्वीर (वह तस्वीर गर्भावस्था के दौरान ली गई हो तो बेहतर होगा) का उपयोग किया जाना चाहिए।
  4. यह सलाह दी जाती है कि जो महिलाएं गर्भवती हैं या मासिक धर्म चक्र से गुज़र रही हैं, वे कालभैरव शांति प्रक्रिया के लिए न आएं, क्योंकि यह उनकी भलाई के लिए मददगार नहीं होगा।
  5. आप चाहें तो अगले 10 वर्षों तक यह प्रक्रिया करने के लिए एक ही बार में रजिस्टर कर सकते हैं।

अग्नि अर्पणम्

देवी लिंग भैरवी को अग्नि की भेंट, जो हर उस चीज और उन लोगों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए है, जिन्होंने हमारे जीवन को पोषित किया है, और अपना योगदान दिया है। यह प्रक्रिया उन सभी पूर्वजों और दिवंगत रिश्तेदारों के लिए की जा सकती है, जिनके नाम/फोटो/ और कोई जानकारी आपके पास उपलब्ध नहीं है।

Registrations closed

संपर्क की जानकारी

फोन: +91-8300083111
ईमेल: info@lingabhairavi.org
रजिस्ट्रेशन तमिलनाडु के सभी स्थानीय केंद्रों पर उपलब्ध है।

 
भाग लेने के अन्य तरीके
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अग्नि अर्पणम्

देवी लिंग भैरवी को अग्नि की भेंट, जो हर उस चीज और उन लोगों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए है, जिन्होंने हमारे जीवन को पोषित किया है, और अपना योगदान दिया है। यह प्रक्रिया उन सभी पूर्वजों और दिवंगत रिश्तेदारों के लिए की जा सकती है, जिनके नाम/फोटो/ और कोई जानकारी आपके पास उपलब्ध नहीं है।

(Available only for those in India)

Annadanam
अन्नदानम्

अपने पूर्वजों के सम्मान में, आश्रम के साधकों को भोजन की एक पवित्र भेंट दें।