आदिगुरुवे

‘गुरु एक जीवित रोडमैप की तरह होता है – और जब आप अनजान इलाकों में खोए होते हैं, तो वो किसी भी चीज से अधिक महत्वपूर्ण होता है।’ – सद्गुरु लगभग एक शताब्दी पहले इस धरती पर जन्मे महान योगी सद्गुरु श्री ब्रह्मा का यह भक्ति गीत आदिगुरु के प्रति उनके पूर्ण समर्पण के भाव को अभिव्यक्त करता है। आदिगुरु का अर्थ है, पहला गुरु। योगिक परंपरा में, शिव को एक ईश्वर के रूप में नहीं बल्कि पहले गुरु के रूप में देखा जाता है। उनकी शिक्षाएं समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और उन्होंने लोगों को उनकी सर्वोच्च संभावना की आकांक्षा करने के लिए प्रेरित किया है। यह गीत शिव की कृपा का एक आह्वान भी है।