महाशिवरात्रि के लिए तैयार करती है यह साधना
इस वर्ष की महाशिवरात्रि के लिए, सद्‌गुरु ने एक खास साधना बताई है। यह साधना जबर्दस्त संभावनाओं से भरी है, और इस रात के लिए खुद को तैयार करने का एक तरीका है। यह साधना कोई भी कर सकता है। यह महाशिवरात्रि से ठीक पहले के 21, 14, 7 या 3 दिनों में की जा सकती है।
 
 

महाशिवरात्रि की रात को हमारी परंपरा में बहुत शुभ माना जाता है और पूरी रात जागकर ध्यान और भजन करने का भी रिवाज़ है। इस वर्ष की महाशिवरात्रि के लिए, सद्‌गुरु ने एक खास साधना बताई है। जबरदस्त संभावना से भरी रात- महाशिवरात्रि का भरपूर लाभ उठाने क लिए आप इस साधना का उपयोग कर सकते है, आइये जानते है कैसे-

यह साधना कोई भी कर सकता है। यह महाशिवरात्रि से ठीक पहले 21, 14, 7 या 3 दिनों में की जा सकती है। महाशिवरात्रि के दिन आधी रात के ध्यान के समय सद्‌गुरु इस साधना का समापन करेंगे। लोग इस कार्यक्रम में मौजूद होकर या लाइव टेलीकास्ट या फिर वेबकास्ट के द्वारा इसका हिस्सा बन सकते हैं।

 साधना के लिए निर्देश इस प्रकार हैं

  • सुबह-शाम तेल का एक दीया जलाएं (या दीया न मिले तो मोमबत्ती जलाएं)।
  • दीप जलाने के बाद सुबह-शाम पांच-पांच बार भूतेश्वराय मंत्र का जाप करें। मंत्र को यहां से डाउनलोड करें।
  • 8-10 काली मिर्च के दानों को 2-3 विल्व या नीम के पत्तों के साथ शहद में, और मुट्ठी भर मूंगफली के दानों को पानी में रात भर भिगो कर रखें। अगर नीम या विल्व के पत्ते उपलब्ध नहीं हैं, तो आप नीम के पाउडर की गोलियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। नीम पाउडर भारत और यू. एस. ए. में ईशा शोपि में उपलब्ध है।
  • सुबह की साधना शुरू करने से पहले खाली पेट पत्तों को चबाएं। काली मिर्च के दानों को नीबू के रस के साथ मिलाकर उसे खाएं। मूंगफली को भी चबाकर खा जाएं। कृपया ये सब खाने से पूर्व अपनी रोजाना की साधना जैसे शाम्भवी महामुद्रा, शक्ति चलन कर ले और उसके बाद ही अपनी महाशिव्रात्रि की साधना करे।
  • दिन में सिर्फ दो बार भोजन करें। पहला भोजन दोपहर 12 बजे के बाद किया जाना चाहिए।
  • अगर भूख लगे, तो आप वही काली मिर्च-शहद-नीबू का रस और पानी का मिश्रण ले सकते हैं।
  • सिगरेट-शराब के सेवन और मांसाहारी भोजन से परहेज करें।
  • कृपया दिन में दो बार स्नान करें।

संपादक की टिप्पणी : महाशिवरात्रि 17 फरवरी को है। ईशा योग केंद्र में रात भर चलने वाले उत्सव में सद्‌गुरु के प्रवचन और शक्तिशाली ध्यान प्रक्रियाएं होंगी। साथ ही जिला खान और पार्थिव गोहिल की संगीत प्रस्तुतियां भी होंगी। आप आश्रम आकर या लाइव वेबस्ट्रीम के माध्यम से, या फिर दुनिया भर में फैले हमारे केंद्रों में जा कर इसमें शामिल हो सकते हैं।

 
 
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