शुष्क आंखों के लिये एक प्राकृतिक उपचार

क्या आप की आँखें शुष्क हैं? यहाँ सद्‌गुरु एक सरल प्राकृतिक उपचार के बारे में बता रहे हैं जिसमें एक ऐसी सामग्री का उपयोग होता है, जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा।
शुष्क आंखों के लिये एक प्राकृतिक उपचार
 

प्रश्न: क्या योग विज्ञान में शुष्क आँखों के लिये कोई उपचार है ?

सद्‌गुरु: हमें आप को रुलाना चाहिये!! योग में ऐसी क्रियायें हैं जिनकी सहायता से आप अपनी अश्रु (आंसुओं की) ग्रंथियों को सक्रिय कर सकते हैं, जिससे आँखों की शुष्कता दूर या कम की जा सकती है।

ज़्यादातर लोग जब शुष्क आँखों के बारे में शिकायत करते हैं तो वास्तव में उनकी आँखें पूर्ण रूप से शुष्क नहीं होतीं। उनमें बस एक विशेष मात्रा में शुष्कता है। अगर किसी सर्जरी या आँखों की किसी गंभीर तकलीफ की वजह से यह शुष्कता हुई हो, तो आप को दवा की दुकानों में उपलब्ध टीयर ड्रॉप्स (आँखों की नमी बनाये रखने के लिये दवा) का इस्तेमाल करना होगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं है और आँखों में कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है, तो फिर इसे ठीक करने के लिये अन्य तरीके हैं।

योग में ऐसी क्रियायें हैं जिनकी सहायता से आप अपनी अश्रु (आंसुओं की) ग्रंथियों को सक्रिय कर सकते हैं, जिससे आँखों की शुष्कता दूर या कम की जा सकती है। पर सबसे अच्छी बात ये होगी कि आप एक ऐश गॉर्ड (पेठा) का प्रयोग करें। ये एक सब्जी है जिसको अमेरिका में विंटर मेलोन (शीतकालीन तरबूज) के नाम से जाना जाता है। इसका रंग हरा-स्लेटी होता है जिस पर राख के रंग की धूल सा रंग होता है। अगर आप इसे हाथ से पोंछे तो ये राख का रंग आप के हाथ में लग जाता है। इसीलिये इसे ऐश गॉर्ड कहते हैं। ये बहुत रसीला होता है और जब आप इसे कद्दूकस पर कसते हैं तो इसका रस निकलने लगता है। इस रस टपकाते गूदे को अपनी आँखों पर रख कर 10 मिनट लेट जाईये। 10 मिनट के बाद इसे हटा दीजिये और ठंडे पानी से अपनी आँखें धो लीजिये। आप की आँखों को आराम देने में यह मदद करेगा।

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