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समृद्धि का अर्थ आपके कपड़े, घर या कार नहीं है। असली समृद्धि यह है कि आप कितने खुश, प्रेममय और आनंदित हैं।
सांस और दिल की धड़कन शरीर के लिए जरूरी हैं। एक मनुष्य के लिए जरूरी है ध्यानमय होना।
योग का मतलब है एक हो जाना। योग सबसे बड़ा सशक्तिकरण भी है। अगर आप हर चीज के साथ एक हो जाते हैं, तो यह एक जबरदस्त सशक्तिकरण है।
अगर हम एकाग्र, सक्षम और प्रेरित युवा तैयार कर लें, तो भारत वह चमत्कार होगा जो दुनिया ने अब तक नहीं देखा है।
मेरी कामना है कि आपके सपने सच न हों, और आपकी उम्मीदें पूरी न हों, क्योंकि वे उस पर आधारित हैं जो आप जानते हैं। आप उन संभावनाओं को खोजें, जिनसे आप अभी तक अनजान हैं।
आज से, जीवन को बोझ की तरह ढोना बंद कीजिए। जीवन में नृत्य करते हुए आगे बढ़िए – चाहे आप जो भी कर रहे हों, चाहे जो भी हो रहा हो।
संक्रांति उन सभी चीजों का उत्सव है, जिनसे हमारा जीवन बनता है – मिट्टी, पशु, हवा, पानी और लोग। मिलकर उत्सव मनाएं!
कर्म का अच्छे और बुरे से कोई लेना-देना नहीं है। बात बस इतनी सी है कि हर काम का एक परिणाम होता है।
जब आप आनंदित होते हैं, तब आपका किसी के साथ कोई टकराव नहीं होता, और आप सबसे अद्भुत चीजें करते हैं।
प्रेम आपको समझदारी नहीं देता। यह बस आपको सही इरादे देता है।
यह समय है पिछले साल के बोझ को उतार कर, बिलकुल ताजा और जीवंत होकर आगे बढ़ने का।
आपके जीवन में जो भी परिस्थितियाँ आती हैं, आप या तो उनसे और अधिक मजबूत होकर बाहर निकल सकते हैं या उनसे टूट सकते हैं। चुनाव आपका है।