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होली है जरा सुनें क्‍या कहते हैं ये रंग

होली है: जरा सुनें क्‍या कहते हैं ये रंग

होली का नाम सुनते ही तरह – तरह के रंग हमारे मन में घूमने लगते हैं। वैसे तो यह प्रेम, ताजगी और ऊर्जा का त्यौहार है, लेकिन होली की बात हो और रंगों की चर्चा न हो तो सब कुछ फीका-फीका सा लगेगा। आपसे हमने हाल ही में ये बात साझ ...
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वैराग्य - राग व रंगों से परे

वैराग्य – राग व रंगों से परे

हमारे रंगों से जुड़ी ब्लॉग श्रृंखला में आपने अब तक अलग-अलग रंगों के बारे में पढ़ा, लेकिन प्रकाश का एक आयाम ऐसा है जिसका कोई रंग नहीं होता, आप उसके आर-पार देख सकते हैं...क्या हैं इस आयाम की विशेषताएं? ...
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गेरुआ कपड़े: क्यों पहनते हैं साधू, संन्यासी?

गेरुआ कपड़े : क्यों पहनते हैं साधु, संन्यासी?

आध्यात्मिक मार्ग में गेरूआ या भगवा रंग देखने को खूब मिलता है। क्या यह रंग सिर्फ एक प्रतीक है या फिर इसका हमारे मन और शरीर पर भी कोई असर पड़ता है? ...
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आप जो बांटते हैं, वही आपका गुण बन जाता है

आप जो बांटते हैं, वही आपका गुण बन जाता है

हम समझते हैं कि हम जो चीज़ हमारे भीतर है वो हमारा गुण होगा, जबकि जो आप अपने आस पास बिखेरते हैं, जो बांटते हैं, वो आपका गुण होता है। ये ठीक वैसा ही है जैसा रंगों के साथ होता है। आइए जानते हैं विस्तार से : ...
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क्या काले रंग का बुरा असर होता है?

क्या काले रंग का बुरा असर होता है?

कभी-कभी हमें परिवार के लोग शुभ दिनों पर या सामान्य तौर पर भी काले कपड़े पहनने से मना करते हैं। क्या सच में काले रंग का बुरा असर हो सकता है? ...
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