मूसी


नदी की लंबाई:

240 किमी

नदी घाटी क्षेत्र:

11,212 स्क्वायर किमी

नदी घाटी में आबादी:

91.1 लाख

नदी घाटी में पड़ने वाले राज्य:

तेलंगाना

जल का इस्तेमाल करने वाले प्रमुख शहर:

हैदराबाद (आबादी: 68 लाख)

नदी को हानि

  • जल की मात्रा में कमी : 38%(1969-2001)
  • शुष्क मौसम में सूखे का खतरा : कम
  • बारिश के मौसम में बाढ़ का खतरा : कम
  • हर मौसम में जल स्तर की भिन्नता : अधिक

आर्थिक और पर्यावरण संबंधी महत्व

  • दो मुख्य जलाशय उस्मान सागर और हिमायत सागर मूसी नदी और उसकी उपनदी के तट पर बने हैं तथा हैदराबाद को पेयजल इन्हीं से मिलता है।
  • कृष्णा और गोदावरी डेल्टा एक-दूसरे के काफी नजदीक हैं। एक साथ मिलकर वे 12,700 स्क्वायर किमी क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ लोगों की जल आवश्यकता को पूरा करते हैं।
  • यह नदी हैदराबाद से तेलंगाना के शुष्क नालगोंडा जिले से होकर बहती है और वहां सिंचाई तथा घरेलू इस्तेमाल के लिए जल उपलब्ध कराती है।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

इस नदी को प्राचीन समय में मुचुकन्द के नाम से जाना जाता था और अनंतगिरि पहाड़ियों में उसका स्रोत महाभारत काल से जुड़ा है।

यह नदी वादापल्ली में कृष्णा नदी से मिलती है। श्री मीनाक्षी अगस्तेश्वर स्वामी मंदिर यहीं स्थित है और इसे बारहवीं सदी में काकतीय शासकों ने बनवाया था।

वादापल्ली में एक श्री नरसिंह स्वामी मंदिर भी है, जहां बताया जाता है कि व्यास महर्षि ने साधना की थी।

References and Credit

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