भीमा


नदी की लंबाई:

861 किमी

नदी घाटी क्षेत्र:

70,614 स्क्वायर किमी

नदी घाटी में आबादी:

1.75 करोड़

नदी घाटी में पड़ने वाले राज्य:

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना

जल का इस्तेमाल करने वाले प्रमुख शहर:

सोलापुर(आबादी: 951,000), पुणे – उपनदियों से (आबादी: 31 लाख)

नदी को हानि

  • जल की मात्रा में कमी : 46%
  • शुष्क मौसम में सूखे का खतरा: कम
  • मानसून में बाढ़ का खतरा: बहुत अधिक
  • हर मौसम में जल स्तर की भिन्नता : अधिक

आर्थिक और पर्यावरण संबंधी महत्व

  • भीमा नदी घाटी, कृष्णा नदी घाटी का एक हिस्सा है और अपनी मूल नदी की तरह गहन कृषि गतिविधि में सहायता करती है। सिर्फ ऊपरी भीमा नदी घाटी लगभग 14 लाख हेक्टेयर खेती में मदद करती है, जहां गन्ना, गेहूं, बाजरा और कपास जैसी फसलों की खेती होती है।
  • इस नदी की उपनदियां पुणे शहर में पेयजल का अहम स्रोत हैं। यह लगभग 150 मेगावाट बिजली भी पैदा करती है, जिसे थोड़ा-बहुत मुंबई की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले भी पेयजल और कृषि जल के लिए इस नदी पर निर्भर हैं।
  • भीमा नदी घाटी में बहुत जैवविविधता है और इसमें छह वन्य अभ्यारण्य हैं, जिनमें शामिल है भीमाशंकर वन्य अभयारण्य, जहां महाराष्ट्र का राजकीय पशु, भारतीय विशाल गिलहरी पाई जाती है और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सैंक्चुअरी, जो लुप्तप्राय प्रजाति ग्रेट इंडियन बस्टर्न के बचे हुए शरणगाहों में से एक है। इन पक्षियों की संख्या सिर्फ लगभग 250 रह गई है। दूसरे अभयारण्यों में रेहेकुरी ब्लैकबक सैंक्चुअरी, मयूरेश्वर वन्य अभयारण्य और उज्जनी वेटलैंड शामिल हैं।
  • जलापूर्ति की यह पुरानी मगर प्रभावी प्रणाली अब काम नहीं करती और इस क्षेत्र में जल नाम मात्र को रह गया है। खेती पर बहुत बुरा असर पड़ा है। कभी इस नदी से लगभग 350,000 हेक्टेयर की सिंचाई होती थी, मगर आज सिंचाई जल की कमी के कारण इस इलाके के लाखों नारियल के पेड़ सूख गए हैं और काट डाले गए हैं।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

भीमा नदी के मार्ग में कई सारे मंदिर पड़ते हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग है, जो पश्चिमी घाट में नदी के स्रोत पर स्थित है।

नदी के तट पर स्थित पंढरपुर का विट्ठल मंदिर एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान है।

श्री संगम, जहां भीमा नदी कृष्णा से मिलती है, एक पवित्र स्थान है, जहां बहुत से लोग डुबकी लगाते हैं। सिद्धटेक में सिद्धिविनायक मंदिर अष्टविनायक मंदिरों में से एक है।

References and Credit

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