गोमती

नदी की लंबाई:

940 किमी

नदी घाटी क्षेत्र:

30,437 स्क्वायर किमी

नदी घाटी में आबादी:

4 करोड़

नदी घाटी में पड़ने वाले राज्य:

उत्तर प्रदेश

जल का इस्तेमाल करने वाले प्रमुख शहर:

लखनऊ (आबादी: 28 लाख), जौनपुर (आबादी: 168,000), सुल्तानपुर (आबादी: 108,000)

नदी को हानि

  • शुष्क मौसम में सूखे का खतरा: कम
  • जल की मात्रा में कमी : 32%
  • मानसून में बाढ़ का खतरा: बहुत अधिक
  • हर मौसम में जल स्तर की भिन्नता : बहुत अधिक

आर्थिक और पर्यावरण संबंधी महत्व

  • गोमती गंगा की सबसे महत्वपूर्ण उपनदियों में से एक है। नदी घाटी में लगभग 20 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती होती है।
  • पूरे उत्तर प्रदेश में 9.01 फीसदी के औसत के मुकाबले गोमती के नदी घाटी क्षेत्र में जंगल सिर्फ 4.10 फीसदी हैं। अध्ययनों से पता लगता है कि पेड़ों को कम से कम तीन गुना इलाके में होना चाहिए। इसलिए नदी के तट पर वृक्षारोपण की तत्काल जरूरत है।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

गोमती और उसकी उपनदियां रामायण और महाभारत से बहुत करीब से जुड़ी हुई हैं। इस नदी को ऋषि वशिष्ठ की पुत्री माना जाता है और नैमिष वन, जहां पहली बार महाभारत को सुनाया गया था, इसी नदी के तट पर स्थित था।

इस नदी के तट पर दो प्राचीन शिव मंदिर हैं, एककोटरनाथ महादेव और सुनासिरनाथ महादेव मंदिर। इनमें कई लिंग हैं, जिनमें एक शिवलिंग एक कुंड में आठ फीट नीचे गहराई में है। हर शिवरात्रि को इन लिंगों की पूजा होती है।
References and Credit

#RallyForRivers

View All
    View All
    x
    Now more than ever, we need to #RallyForRivers