कृष्णा


नदी की लंबाई

1400 किमी

नदी घाटी क्षेत्र

258,948 स्क्वायर किमी

नदी घाटी में आबादी

13.5 करोड़

नदी घाटी में पड़ने वाले राज्य

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश

जल का इस्तेमाल करने वाले प्रमुख शहर

चेन्नई (आबादी: 70 लाख), हैदराबाद (आबादी: 68 लाख), विजयवाड़ा (आबादी: 10 लाख)

नदी को हानि

  • जल की मात्रा में कमी : 61 प्रतिशत
  • शुष्क मौसम में सूखे का खतरा : मध्यम
  • मानसून में बाढ़ का खतरा : अधिक
  • पेड़ों में कुल कमी : 97 प्रतिशत
  • हर मौसम में जल स्तर में बदलाव : अधिक

आर्थिक महत्व

  • कृष्णा नदी क्षेत्र में खूब खेती होती है। करीब 75 फीसदी जमीन कृषि भूमि है।
  • कृष्णा और गोदावरी डेल्टा एक-दूसरे के काफी करीब हैं। वे साथ मिलकर 12,700 स्क्वायर किमी क्षेत्र में करीब 1 करोड़ लोगों का पोषण करते हैं।
  • कृष्णा वन्य अभयारण्य (कृष्णा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी) उस जगह पर स्थि‍त है, जहां कृष्णा बंगाल की खाड़ी में मिलती है। उसमें दक्षिण भारत के मैंग्रोव वनों के अंतिम अवशेष देखे जा सकते हैं। यहां अनोखा वन्य जीवन देखने को मिलता है, जिसमें एस्चुएरी में रहने वाले मगरमच्छ से लेकर चिकने बालों वाले ऊदबिलाव और सर्प का शिकार करने वाली चील शामिल हैं।
  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सेंक्चुअरी, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के आखिरी आश्रयों में से एक है। जंगल में इन पक्षियों की 250 के करीब संख्या ही बची है। यह अभयारण्य या सैंक्चुअरी कृष्णा नदी की एक उपनदी भीम नदी के निकट शोलापुर के पास स्थित है।

हाल ही में हुई आपदाएं

अक्टूबर 2009 में, कृष्णा ने पिछली एक शताब्दी में सर्वाधिक जल स्तर दर्ज किया जिसका नतीजा यह हुआ कि सूखे की मार झेल रहा आंध्रप्रदेश बाढ़ की चपेट में आ गया। इस बाढ़ से 350 गांव प्रभावित हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। 2001 से 2003 तक तीन लंबे सालों के सूखे के बाद कृष्णा बस एक धार बनकर रह गई थी, पूरे तीन साल के दौरान वह शायद ही समुद्र तक पहुंच पाई। मगर उसके सिर्फ छह साल बाद उसमें बाढ़ आ गई।

ऐसी गंभीर स्थितियां सिर्फ कृष्णा तक सीमित नहीं हैं। ये देश भर में घटित हो रही हैं।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
बारह में से एक ज्योतिर्लिंग कृष्णा नदी के तट पर श्रीसैलम में स्थित है। अमरावती में अमरेश्वर स्वामी मंदिर और विजयवाडा में कनक दुर्गा मंदिर नदी के तट पर स्थित अन्य प्रसिद्ध मंदिर हैं।

भीमशंकर ज्योतिर्लिंग कृष्णा की उपनदी भीम नदी का स्रोत है।

कवि संत बसव की समाधि कुडलसंगम पर स्थित है, जहां मलप्रभा कृष्णा से मिलती है। बसव ने अपनी कविताओं में शिव का वर्णन कुडलसंगम देव के रूप में किया है।

कृष्णा की उपनदी तुंगभद्रा के तट पर ही शक्तिशाली विजयनगर साम्राज्य पनपा। उसके चरम विकास काल में उसकी राजधानी हंपी की आबादी 10 लाख से अधिक थी और वह उस समय दुनिया का सबसे बड़ा नगर था।

 

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