संगीत

त्रिगुण

तीन शक्तियां। तीन गुण। तीन देव। त्रिदेव, जो सतह पर अलग-अलग दिखते हैं, पर थोड़ी गहराई में जाने पर एक अखंड मेल का एहसास होता है। त्रिमूर्ति और इकाइयों में मेल कर दें, तो आप महादेव को पा लेंगे।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

ॐ नमः शिवाय

इस मन्त्र का जागरूकता के साथ उच्चारण करने से शरीर और मन की शुद्धि होती है, और ध्यान की स्थिति प्राप्त होती है। ॐ नमः शिवाय को कुछ संस्कृतियों में महामंत्र माना जाता है, और ये पंच क्षरों या प्रकृति में पाए जाने वाले पांच तत्वों से जुड़ा है।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

दक्षिणायन

इस गीत को साउंड्स ऑफ़ ईशा के द्वारा दक्षिणायन या ग्रीष्मकालीन संक्रांति के दौरान रचा गया था। दक्षिणायन वही विशेष समय है, जब आदियोगी ने आदि गुरु या पहला गुरु बनकर, अपने सात शिष्यों तक योग संचारित करने का फैसला किया था।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

गुरु पादुका स्त्रोतम

गुरु पादुका स्त्रोतम एक बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है जो गुरु की पादुकाओं का गुणगान करता है। इस मन्त्र में, गुरु पादुकाओं की तुलना एक ऐसी नौका से की गई है, जिसमें बैठकर हम जीवन के अंतहीन सागर के पार पहुँच सकते हैं। इस मन्त्र से हम गुरु की कृपा के प्रति ग्रहणशील बन सकते हैं।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

निर्वाण षटकम्

निर्वाण षटकम्, संस्कृत के सबसे प्रसिद्द मन्त्रों में से एक है। इसकी रचना आदि शंकराचार्य ने एक हज़ार साल से ज्यादा समय पहली की थी। इस मन्त्र में एक आध्यात्मिक साधक की खोज का वर्णन है।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

शम्भो

ये मन्त्र शिव के सौम्य रूपों से जुड़ा है। शम्भो मन्त्र, शिव के भयंकर रूपों से बिलकुल अलग है और उनका शांत और सुन्दर रूप है। ये एक चाबी की तरह है, और आपके भीतर खुलापन ला सकता है, और आपकी सीमाओं को तोड़ सकता है।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

शिव शब्दम्

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

शिव शिव

इस गीत को सुनकर आप महाशिवरात्रि की लय से जुड़ सकते हैं। इसे सुनकर बिना किसी प्रयत्न के झूमना शुरू किया जा सकता है!

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

शिव स्तोत्रं

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon

शिवाष्टकम्

शिवाष्टकम् आदि शंकराचार्य की रचना है और इसे साउंड्स ऑफ़ ईशा ने संगीतबद्ध किया है। ये साउंड्स ऑफ़ ईशा की मन्त्र श्रृंखला का एक हिस्सा है। इसे सबसे पहले सद्‌गुरु के साथ हुए एक गुरु पूर्णिमा सत्संग में गाया गया था।

निःशुल्क डाउनलोड

detail-seperator-icon