यक्ष – संगीत और नृत्य का उल्लासमय उत्सव

10-12 फरवरी, 2018 (महाशिवरात्रि से पहले) ईशा योग केंद्र में

भारत में जो कलाएं हजारों सालों में विकसित हुई हैं, वे न सिर्फ इस देश की विविध संस्कृति का एक प्रतिबिंब हैं, बल्कि आध्यात्मिक प्रेरणा भी देती हैं। उन्होंने पीढ़ियों से इस देश को समृद्ध किया है मगर हम अपने जीवन के इस आयाम को तेजी से भूलते जा रहे हैं।

देश की ललित कलाओें की विशेषता और शुद्धता को बनाए रखने और उनकी विविधता को प्रोत्साहित करने की कोशिश के अंतर्गत, ईशा फाउंडेशन हर साल तीन दिवसीय उत्सव ‘यक्ष’ का आयोजन करती है। इस उत्सव में प्रसिद्द कलाकारों द्वारा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों दी जाती हैं।
इस त्योहार का नाम यक्षों के नाम पर रखा गया है, जिनकी चर्चा भारतीय मिथक में की गई है। यक्ष उत्सव एक ऐसा मंच है जो न सिर्फ कलाकारों को विभिन्न तरह की प्राचीन कलाओं को पेश करने का मौका देता है, बल्कि कला प्रेमियों को प्रख्यात कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इन प्राचीन कलाओं का रस लेने का अवसर भी देता है।

हम आपको भारत की शानदार प्राचीन संस्कृति की विरासत को जानने और एक गहन अनुभव करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

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प्रस्तुतियां

ईशा फाउंडेशन हर साल संगीत और नृत्य के शानदार और उल्लासमय उत्सव – यक्ष – का आयोजन करती है। यक्ष को फरवरी/मार्च के महीनों में आयोजित किया जाता है, और इसमें भारत के महानतम कलाकार हिस्सा लेते हैं और हज़ारों कला प्रेमी दर्शकों के रूप में शामिल होते हैं।

यक्ष महोत्सव 2018 में प्रस्तुतियां देंगे:

10 फरवरी

राकेश चौरसिया

11 फरवरी

विदुषी श्रुति सडोलीकर काटकर

12 फरवरी

चित्रविना एन रविकिरण

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यक्ष 2018 में हमसे जुड़ें

ईशा योग केंद्र, भारत
प्रवेश नि:शुल्क। सभी का स्वागत है।
शाम 6:50 बजे से – शाम से 8:30 बजे (कृपया 6:40 तक स्थान ग्रहण कर लें।)
अधिक जानकारी के लिए:
83000 83111 पर संपर्क करें या ईमेल करें –info@mahashivarathri.org

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