भाग लें

ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि कई वर्षों से भव्य और उल्लासमय तरीके से मनाई जाती रही है। संगीत, नृत्य और सद्‌गुरु के द्वारा कराई जाने वाली शक्तिशाली ध्यान प्रक्रियाओं से भरपूर ये उत्सव हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। ये उत्सव वेब स्ट्रीम के माध्यम से, और हमारे मीडिया पार्टनर्स द्वारा टीवी चैनलों पर भी सीधा प्रसारित किया जाता है। ईशा योग केंद्र में आने वाले भक्तगणों की तुलना में, सीधे प्रसारण के माध्यम से हमारे साथ कहीं ज्यादा लोग जुड़ते हैं।

आदियोगी की प्राण प्रतिष्ठा

24 फरवरी, 2017 – दोपहर 1 बजे तक पहुंचें।

महाशिवरात्रि

24 फरवरी, 2017: 6 बजे सायं – रात भर

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महाशिवरात्रि के लिए रजिस्ट्रेशन

सभी का स्वागत है। हमसे जुड़ें

सामान्य जानकारी और रजिस्ट्रेशन:
फ़ोन: 83000 83111

ईमेल: msr@isha.sadhguru.org

बस पास के लिए संपर्क करें:

न्नई, बंगलौर और तमिलनाडु के कई अन्य शहरों से बसों की व्यवस्था की गई है। अधिक जानकारी और सीट बुक करने के लिए, कृपया यहां दिए गए स्वयंसेवियों से संपर्क करें। .

ऑनलाइन वेबस्ट्रीम:

वेब स्ट्रीम पर सीधे प्रसारण की ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक्क करें…
अपना टाइम जोन यहां ढूंढें।

भारत के प्रमुख टीवी चैनल :

आस्था (हिंदी) – सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक
भक्ति टीवी ( तेलुगु)
कलर्स (हिंदी)
डीडी पोधिगाई (तमिल)
इ टीवी, तेलुगु – रात 10:30 से सुबह 6 बजे
जनश्री (कन्नड़ा) – रात 11 बजे से सुबह 6 बजे
कौमुदी (मलयालम)
पॉलीमर(तमिल) – रात 10:30 से सुबह 6 बजे
प्रार्थना (उडिया)
शंकरा(कन्नड़ा)
सुवर्णा (कन्नड़ा) – रात 11 बजे से सुबह 6 बजे
वेंधर(तमिल)

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सत्संग:

महाशिवरात्रि का त्यौहार ईशा योग केंद्र में खूब धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है। देश-विदेश से लाखों लोग रात भर चलने वाले इस अनूठे समारोह और सत्संग में सद्गुरु के साथ शामिल होते हैं।

ध्यान:

उल्लासमय और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच रात भर सद्गुरु शक्तिशाली ध्यान प्रक्रियाएं करवाते हैं।

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मध्यरात्रि ध्यान:

मध्य रात्रि में सद्गुरु विशाल जनसमूह को बहुत शक्तिशाली ध्यान प्रक्रिया में दीक्षित करते हैं, जो इस रात का सबसे बड़ा आकर्षण होता है।

एक शक्तिशाली मन्त्र का उच्चारण:

एक सरल सा मन्त्र, एक आत्म-ज्ञानी गुरु के सानिध्य में एक शक्तिशाली प्रक्रिया बन जाता है। इस महाशिवरात्रि, हमसे लाइव वेब स्ट्रीम के माध्यम से जुड़ें और सद्गुरु द्वारा निर्देशों सहित संचालित, इस मंत्र के उच्चारण में हिस्सा लें। ज्यादा जानकारी

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महाशिवरात्रि साधना

महाशिवरात्रि साधना महाशिवरात्रि की रात के लिए खुद को तैयार करने के लिए है। ये रात जबरदस्त संभावनाओं से भरी रात है। कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र आठ साल से ज्यादा है, ये साधना कर सकता है। ज्यादा जानकारी

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घर पर महाशिवरात्रि:

महाशिवरात्रि की रात मनुष्य शरीर में ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर चढ़ती है। इस वजह से आप कुछ विशेष साधनाएं कर सकते हैं, जो कि आम तौर पर उन लोगों के लिए सही नहीं होगी, जिन्होंने जरुरी तैयारी नहीं की है।

जैसा कि अधिकतर लोगों को पता है, हमने हमेशा लोगों को यही सिखाया है कि सामान्य परिस्थितियों में महामंत्र “ऊं नम: शिवाय” का जाप न करें। लेकिन महाशिवरात्रि की रात आप इस साधना को कर सकते हैं और भरपूर लाभ उठा सकते हैं।

जो लोग महाशिवरात्रि की रात ईशा योग केंद्र में नहीं आ सकते, वे नीचे दिए गए तरीके से इस रात का लाभ उठा सकते हैं।

  • महाशिवरात्रि का सबसे ज्यादा लाभ उठाने के लिए आपको पूरी रात, बिना नीचे लेटे अपनी रीढ़ सीधी रखनी चाहिए, और जगे और जागरूक रहना चाहिए
  • अपने कमरे को तैयार करने के लिए – आप एक दिया या लिंग ज्योति जला सकते हैं। साथ ही ध्यानलिंग यंत्र या सद्‌गुरु की तस्वीर, फूल और अगरबत्ती रख सकते हैं।
  • आप मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं, और भक्तिमय गानों और मन्त्रों को सुन सकते हैं या फिर गा सकते हैं।
  • अगर आप अकेले हों, तो आस-पास टहलना और प्रकृति के संपर्क में रहना अच्छा होगा। अगर आप लोगों के साथ हों, तो जितना हो सके उतना शांत रहना अच्छा होगा।
  • आधी रात की साधना नीचे दी गए तरीकों से की जा सकती है- रात 11:10 बजे से 11:30 बजे तक – सुख प्राणायाम। रात 11:30 बजे से 11:50 बजे – ॐ मंत्र का उच्चारण। रात 11:50 बजे से 12:10 बजे – महामंत्र “ॐ नमः शिवाय” का उच्चारण। /li>
  • अगर आप वेब या टीवी के माध्यम से महाशिवरात्रि उत्सव से जुड़े हैं, तो आप वहां दिए गए ध्यान के निर्देशों का पालन कर सकते हैं।
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उत्तरी अमेरिका में महाशिवरात्रि मनाएं:

ईशा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनर साइंसेज, टेनेसी में

ईशा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनर साइंसेज में, आदियोगी के प्रतिष्ठित स्थल में रात भर चलने वाले उत्सव का हिस्सा बनें। इस उत्सव में नीचे दिए गए आयोजन होंगे –

  • मध्य रात्रि की ध्यान प्रक्रिया
  • विशेष आरती और आदियोगी स्थल पर मन्त्रों का उच्चारण
  • कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां
  • भारत में सद्गुरु के साथ हो रहे उत्सव का सीधा प्रसारण

प्रवेश निःशुल्क है, और सभी का स्वागत है।

उत्तरी अमेरिका में, अपने आस-पास के स्थानीय उत्सवों के बारे में संपर्क करने की जानकारी के लिए इस पेज पर जाएं।

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महा अन्न्दानम्:

“भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का श्रेय केवल हमारे ऋषि-मुनियों, ज्ञानियों, योगियों और गुरुजनों को ही नहीं जाता, बल्कि उस जनसमुदाय को भी जाता है जिसने इन विभूतियों का पोषण किया। हमारी परंपरा में, साधु-महात्माओं और साधकों की सेवा का बड़ा महत्व रहा है। दरअसल बहुत से लोगों के लिए तो सेवा का मार्ग ही उनकी साधना रही है। अन्नदान अपने सेवा भाव को प्रकट करने का एक बहुत सुंदर तरीका है।” – सद्गुरु

इतिहास लिखे जाने से काफी पहले से, पूरी दुनिया के लोगों ने भोजन और जीवन के बीच के गहरे सम्बन्ध को पहचाना है। संस्कृत भाषा के शब्द अन्नदानम् का अर्थ है – अन्न या भोजन को बाँटना। भारतीय संस्कृति में, भोजन बांटने को हमेशा से ही एक पवित्र कर्म माना गया है। भारतीय उपमहाद्वीप के सभी समुदायों में, कोई भी उत्सव या समारोह, पूजा के अन्नदान या प्रसाद के वितरण के बिना पूरा नहीं होता। हम अपने पूर्वजों को, देवों को, संन्यासियों को, बड़ों को, तीर्थ-यात्रियों को, और साथ ही घर वालों को, दोस्तों, अतिथियों को, और ऐसे व्यक्तियों और जानवरों को को जो भूखे हों – भोजन भेंट करते हैं। इस सार्वभौमिक परंपरा की वजह से, सदियों से योगी, संत और महात्मा, उपमहाद्वीप के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक सफर करके, आध्यात्मिक विज्ञान को पूरे उपमहाद्वीप में फैलाते रहे हैं।
महाशिवरात्रि की रात चलने वाले उत्सवों में, ईशा योग केंद्र आए लाखों भक्तों को अन्नदान भेंट किया जाता है। ईशा योग केंद्र आपको इस अन्नदान के लिए सहयोग करने का अवसर देती है।

हर दान महत्वपूर्ण है! अभी दान करें!

संपर्क करें:

फ़ोन: 8300083111
ईमेल: info@mahashivarathri.org

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स्वयंसेवक:

सद्गुरु ने महाशिवरात्रि पर आदियोगी की प्राण-प्रतिष्ठा को बेहतरीन रूप में संभव बनाने के लिए, स्वयंसेवकों को ईशा योग केंद्र आकर योग वीर बनने के लिए आमंत्रित किया है। अधिक जानकारी