आइए हम सब करें नमस्कार योग

सद्‌गुरुएशिया के कई देशों में नमस्कार करना एक परंपरा है, लेकिन एक परंपरा होने के अलावा बहुत सी बार यह देखा जाता है कि लोगों के हाथ अनायास ही नमस्कार की मुद्रा में जुड़ जाते हैं, क्यों होता है ऐसा?

नमस्‍कार। यह भौतिक दुनिया विपरीत चीजों से बनी है – स्त्री और पुरुष. यिन और यांग, इडा और पिंगाला, शिव और शक्ति, दायां मस्तिष्क और बायां मस्तिष्क। या फिर आप इसे कोई भी नाम दे सकते हैं।

इन विपरीत चीजों के मिलन की चाहत प्रेम, जीत, महत्‍वाकांक्षा, काम-वासना,और योग जैसे अनेक रूपों में व्‍यक्‍त हो रही है।

योग का मतलब है मिलन। योग का सबसे आसान रूप है हाथ जोड़ कर नमस्कार करना। नमस्कार करने से हमारे अंदर के विपरीत ध्रुवों में तालमेल हो जाता है।

अपने हाथों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ें और किसी व्यक्ति या वस्तु को प्रेमपूर्वक ध्‍यान से देखें।

3 से 5 मिनट में आप अपने अंदर एक तालमेल महसूस करेंगे। नमस्कार करके अपने अंदर शान्ति लाइए। नमस्कार करके अपने अंदर प्रेम लाइए। नमस्कार करके अपने अंदर मेल लाइए। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आप योग के मिलन को जानें।

आइये हम अपने हाथ जोड़ें और हाथ जोड़कर पूरे विश्व को जोड़ें। मेरी कामना है कि आप हाथ जोड़कर अपनी अंतरात्‍मा को खिलने दें।

नमस्कार के विज्ञान के बारे में जानने के लिए पढ़ें पिछला ब्लॉग


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