पूर्णिमा : ध्‍यान इस दिन सहज ही होता है

पूर्णिमा : ध्‍यान इस दिन सहज ही होता है

सद्‌गुरुपूर्णिमा की रात कवियों, लेखकों और प्रेमियों सभी को प्रेरित करती है। जानते हैं कि कैसे ये रात उन लोगों के लिए मददगार है जो ध्यान के मार्ग पर हैं

पूर्णिमा के दिन गृहणशीलता बढ़ जाती है

पूर्णिमा का अपना महत्व है, क्योंकि इसमें एक खास तरह का सौंदर्यबोध होता है। आप जिस भी चीज पर नजर डालते हैं, वह आपको सुंदर दिखाई देती है।

यह दिन कुछ ऐसा है, जिस दिन आप ऊर्जा और जागरूकता की मुफ्त सवारी कर सकते हैं।
अचानक उस वस्तु के प्रति आपकी ग्रहणशीलता बढ़ जाती है। कोई भी चीज जिसे हम असुंदर मानते हैं या हमें बदसूरत लगती है, उसके प्रति हमारी ग्रहणशीलता कम हो जाती है। तो एक चीज है कि इसमें कुछ खास तरह का सौंदर्यबोध तो है, जो निश्चित तौर पर आपकी ग्रहणशीलता को बढ़ाएगा।

पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा का खिंचाव ऊपर की ओर होता है

दूसरी चीज है कि धरती चांद के साथ एक खास स्थिति में गति कर रही है। जब चंद्रमा पूरा होता है तो इसका स्पंदन और अनुभूति चंद्रमा की बाकी स्थितियों से काफ़ी अलग होती है। साथ ही, इसका खिंचाव भी अलग होता है। चंद्रमा का खिंचाव धरती की उस सतह पर काम करता है, जो चंद्रमा की तरफ होती है।

जो लोग आध्यात्मिकता के रास्ते पर हैं, खासकर अगर वे ध्यान के रास्ते पर हैं, तो चंद्रमा पूर्णिमा की रातों में ध्यान करने में ज्यादा मददगार होगा
जब इस तरह का कुदरती खिंचाव होता है, चूंकि आपकी रीढ़ सीधी है तो इस दौरान ऊर्जा के सीधे ऊपर जाने की प्रवृत्ति होती है। आपके भीतर रक्त और जीवन की मूलभूत ऊर्जा यानी प्राण अलग तरीके से प्रवाहित होते हैं, क्योंकि उनका स्पंदन बदल जाता है। इसलिए पूर्णिमा की रात को अन्य रातों की अपेक्षा गुरुत्वाकर्षण खिंचाव ज्यादा होने की वजह से सागर में ज्वार ज्यादा आता है। पानी की तरह आपके रक्त में खिंचाव होता है, जिसके चलते यह दिमाग की तरफ ज्यादा बढ़ता है।

आपकी खूबियाँ बढ़ जातीं हैं

जब भी यह ऊपरगामी गति होती है, आपकी जो भी खूबियां होती हैं, वह बढ़ जाती हैं। आपने सुना होगा कि जो लोग दिमागी रूप से थोड़े असंतुलित होते हैं, वे उस दिन और ज्यादा असंतुलित हो जाते हैं, क्योंकि ऊर्जा में चढ़ाव आपमें जो भी खूबियां होती हैं, उन्हें बढ़ा देती है। अगर आप थोड़े असंतुलित हैं तो यह आपको और असंतुलित बना देगी।

क्योंकि बिना ऊर्जा के चढ़ाव के, बिना उच्च स्तरीय ऊर्जा के, अपने अंदर जागरूकता लाने का सवाल ही नहीं उठता।
इसी तरह से यह आपकी दूसरी खूबियों में भी वृद्धि करता है, लेकिन ज्यादातर लोग इतने संवेदनशील नहीं होते कि वे इस पर गौर कर पाएं। अगर आप ध्यान करते हैं तो यह आपको गहरे ध्यान में ले जाएगा। अगर आप प्रेममय हैं तो यह आपको और अधिक प्रेममय बनाएगा। आपमें जो भी खूबियां होंगी, यह उसे बढ़ाएगा।

पूर्णिमा के दिन ध्यान में मिलती है मदद

जो लोग आध्यात्मिकता के रास्ते पर हैं, खासकर अगर वे ध्यान के रास्ते पर हैं, तो चंद्रमा पूर्णिमा की रातों में ध्यान करने में ज्यादा मददगार होगा, क्योंकि बिना ऊर्जा के चढ़ाव के, बिना उच्च स्तरीय ऊर्जा के, अपने अंदर जागरूकता लाने का सवाल ही नहीं उठता।

आप जिसे जागरूकता कहते हैं, वह स्वाभाविक रूप से आपके अंदर आएगी, जब आपके शरीर में ऊर्जा का स्तर उच्च होगा।
आप जिसे जागरूकता कहते हैं, वह स्वाभाविक रूप से आपके अंदर आएगी, जब आपके शरीर में ऊर्जा का स्तर उच्च होगा। इसलिए हम लोग बस उस रात का, उस प्राकृतिक रूप से घटने वाली घटना का इस्तेमाल करना चाहते हैं। यह दिन कुछ ऐसा है, जिस दिन आप ऊर्जा और जागरूकता की मुफ्त सवारी कर सकते हैं।


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