ईशा के विभिन्न योग कार्यक्रम : शून्य ध्यान, भाव स्पंदन, सम्यमा

ईशा के विभिन्न योग कार्यक्रम : शून्य ध्यान, भाव स्पंदन, सम्यमा
ईशा के विभिन्न योग कार्यक्रम : शून्य ध्यान, भाव स्पंदन, सम्यमा

यु. एस. ए में ईशा इंस्टीट्यूट ऑफ इनर साइंसेज और भारत में ईशा योग केंद्र, मानव चेतना को बढ़ाने के लिए समर्पित है, और व्यक्तिगत रूपांतरण के द्वारा दुनिया भर में सद्भाव को बढ़ावा देती है। सद्‌गुरु के मार्गदर्शन में यह संस्थान योग के प्राचीन विज्ञान की उसकी पूरी गहराई और सभी आयामों में खोज करती है। यह संस्थान बहुत से कार्यक्रमों का आयोजन करती है जहां इंसान को भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक खुशहाली प्राप्त करने की विधियां बताई जाती हैं। आइये जानते हैं इन कार्यक्रमों के बारे में…

ईशा योग

‘आप जीवन से इस तरह गुजर सकते हैं कि यह आपको छू भी नहीं सकता, आप जीवन के साथ जैसे चाहें वैसे खेल सकते हैं और फिर भी यह जीवन आपके ऊपर कोई निशान नहीं छोड़ता। यही वह चमत्कार है, जिसे ईशा योग हर व्यक्ति के जीवन में ला रहा है।’ – सद्‌गुरु

जिस तरह से बाहरी कल्याण या सुख पाने के लिए खास तरह का विज्ञान और तकनीक होती है, उसी तरह से आंतरिक कल्याण व खुशी पैदा करने के लिए भी विज्ञान और तकनीक का पूरा तंत्र मौजूद है। इसे ही हम इनर इंजीनियरिंग या ईशा योग कहते हैं।

इस कार्यक्रम में आपको आपसी संवाद, ध्यान और शक्तिशाली अभ्यास कराये जाते हैं, जिसमें शांभवी महामुद्रा भी शमिल है।

सद्‌गुरु द्वारा तैयार किया गया भाव स्पंदन कार्यक्रम लोगों को एक ऐसा अवसर प्रदान करता है, जहां वे शरीर और मन की सीमाओं से परे, चेतना के उच्च आयामों का अनुभव करते हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आपको स्वास्थ लाभ करवाना, आपकी मानसिक शांति में बढ़ोतरी करना और आपके विचारों में स्पष्टता लाना है। यह कार्यक्रम आपके अंदर आंतरिक आनंद लाता है, जिससे न सिर्फ आपका जीवन तनावमुक्त होता है, बल्कि जिसकी वजह से आपके काम करने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है।

ईशा योग करने के कई फायदे हैं। इसके कुछ आम फायदे इस तरह हैं:

– यह शरीर और दिमाग को केंद्रित व तनावमुक्त करने में आपकी मदद करता है।

– यह न सिर्फ आपके शरीर के उर्जा-स्तर को बढ़ाता है, बल्कि आपको दिन भर की कठोर दिनचर्या के लिए भी सक्षम बनाता है।

– यह आपके भीतर एक ऐसी स्थिति पैदा करने में मदद करता है, जो बाहरी परिस्थतियों और मुसीबतों से हमेशा अछूती रहती है।

– यह आपके रिश्तों में मजबूती और गहराई लाता है।

– यह इंसान की नेतृत्व क्षमता को निखारने के साथ-साथ पेशे में उसकी सूझबूझ को भी बढ़ाता है। इसके अलावा, यह व्यक्ति के कार्यक्षेत्र, घर व समाज में अन्य लोगों के साथ उसके संबंधों को भी बेहतर व सार्थक बनाता है।

–  यह आपके स्वास्थ्य के लिए निरोधक के रूप मे भी काम करता है। इस कार्यक्रम से अब तक हजारों लोगों को दमा, उच्च रक्त चाप, मधुमेह, गठिया, संधिवात, स्पॉन्डिलाइसिस, मिरगी, माइग्रेन, साइनसाइटिस, एलर्जी, मोटापा, त्वचा संबंधी व आंखों के विकारों से मुक्ति दिलाने में सहायक रहा है।

– यह दायें व बायें मस्तिष्क के बीच के सामंजस्य को बढ़ाता है।

ईशा योग कार्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी और तमिल में नियमित रूप से आयोजित किये जातें हैं। अंगेजी में यह कार्यक्रम इनर इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता है।

ईशा हठ योग

ईशा के हठ योग कार्यक्रम में योगासनों का एक व्यापक समूह है, जिनके लिए किसी विशेष शारीरिक योग्यता या योग के अनुभव की जरूरत नहीं होती। यह शरीर की ऊर्जा में बदलाव लाने की एक बहुत सूक्ष्म प्रक्रिया है जो शारीरिक और मानसिक असंतुलनों को ठीक करती है। हठ योग का नियमित अभ्यास न सिर्फ  स्वास्थ्य और खुशहाली में सुधार लाता है, बल्कि क्रियाओं और ध्यान के अनुभव को भी काफी हद तक बेहतर करता है। ईशा में हठ योग को एक शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं बल्कि उसकी पूरी गहराई और आयामों में प्रदान किया जाता है। यह इंसान को सबसे बुनियादी रूप में अपनी पूर्ण क्षमता तक विकसित होने में मदद करता है।

शून्य ध्यान: ध्यान की एक सहज विधि है

‘एक बार जब आपके जीवन में स्थिरता व निश्चलता आ जाती है, तब मन भी एकदम स्थिर हो जाता है। जब मन स्थिर हो जाता है तो आपकी बुद्धि प्रखर हो उठती है।’ – सद्‌गुरु

वे लोग जो गहरे ध्यान का अनुभव करना चाहते हैं, उनके लिए शून्य ध्यान एक विशुद्ध और सहज ध्यान प्रक्रिया है, जो सभी जिज्ञासुओं के लिए उपलब्ध है। सद्गुरु द्वारा तैयार की गयी इस प्रक्रिया द्वारा सत्य को बस सीखा ही नहीं बल्कि अनुभव किया जाता है। योग विज्ञान पर आघारित इस कार्यक्रम में शक्ति चलन क्रिया (एक शक्तिशाली और शुद्धिकारक प्राणायाम, जो प्राण ऊर्जा को सुषुम्ना नाड़ी में ले जाने में सहायक होता है) सिखाई जाती है और शून्य ध्यान (पंद्रह मिनट के ध्यान की एक सहज प्रक्रिया) में दीक्षित किया जाता है। यह दोनों क्रियाएं मिल कर शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक विकारों से छुटकारा दिलाती हैं जिससे प्राण-ऊर्जा सहज ही सक्रिय हो जाती है। यह कार्यक्रम आंतरिक कुशलता के लिए एक संपूर्ण मार्ग के रूप में पेश किया जाता है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अपनी किसी आदत, जीवन शैली या धर्म को बदलने की आवश्यकता नहीं होती। इसका किसी धर्म, संप्रदाय या मनोवैज्ञानिक विधि से कोई वास्ता नहीं है। यह पूरी तरह से एक अनुभव का विज्ञान है। यह चार दिनों का आवासीय कार्यक्रम होता है जिसे सिर्फ  ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर, भारत में या ईशा इंस्टिट्यूट ऑफ  इनर साइंस, टेनसी, अमेरिका में ही आयोजित किया जाता है।

भाव-स्पंदन: खुले अनुभव के नये आयाम

यह चार दिन और तीन रात का आवासीय कार्यक्रम है। यह उनके लिए है, जिन्होंने इनर इंजिनियरिंग या ईशा योग कार्यक्रम पूरा कर लिया है। सद्‌गुरु द्वारा तैयार किया गया भाव स्पंदन कार्यक्रम लोगों को एक ऐसा अवसर प्रदान करता है, जहां वे शरीर और मन की सीमाओं से परे, चेतना के उच्च आयामों का अनुभव करते हैं। यह असीम प्रेम व आनंद अनुभव करने का एक अवसर प्रदान करता है।

सम्यमा ध्यान: एक नया बोध, एक नयी दृष्टि

‘सम्यमा आपको जागरूकता के एक नये आयाम में प्रवेश दिलवाता है, जहां आपको यह स्पष्ट अनुभव होता है, कि आप यह शरीर नहीं हैं, आप यह मन नहीं हैं, आप यह जगत नहीं हैं।’ – सद्‌गुरु

आत्मज्ञानियों की दुनिया में कदम रखने का एक आमंत्रण है सम्यमा। यह आठ दिन का एक बहुत ही गहन आवासीय कार्यक्रम है, जो सद्गुरु द्वारा ईशा योग केंद्र में कराया जाता है। सम्यमा ध्यान में लोगों को जो अनुभव होते हैं उससे कर्म-बंधन से छुटकारा मिलता है तथा शरीर और मन शुद्ध होकर विशुद्ध ऊर्जा को ग्रहण करने के काबिल हो जाते हैं। एक आत्मज्ञानी योगी की उपस्थिति में सम्यमा ऐसी संभावनाएं प्रदान करता है जिससे इसमें भाग लेने वाले लोग चेतना के उच्च स्तरों को छूने के काबिल हो जाते हैं तथा ध्यान की विस्फोटक अवस्थाओं का अनुभव करते हैं।

ईशा फाउंडेशन और उसकी सेवा परियोजनाएं

ईशा फाउंडेशन दुनिया भर में फैले 200 से भी अधिक शहरी केंद्रों से कार्य करता है; यह 2,000,000 से भी अधिक स्वयंसेवकों के योगदान द्वारा चलाया जाता है। ईशा फाउंडेशन एशिया, अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में सक्रीय है। फाउंडेशन का मुख्यालय ईशा योग केंद्र में है, जो दक्षिण भारत में वेलिंगिरि पर्वत की तलहटी में स्थित है, तथा अमेरीका में, मध्य टेनेसी में कंबरलैंड पठार में स्थित ईशा इंस्टिट्यूट ऑफ  इनर साइंस में है।

ग्रामीण कायाकल्प कार्यक्रम: ईशा ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो कदम उठाए हैं उन्होंने दक्षिण भारत के 4600 गाँवों में 42 लाख से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य को मुफ्त चिकित्सा और योग कार्यक्रमों के द्वारा बेहतर बनाया है। ‘‘ग्रामीण कायाकल्प कार्य और सेवा’’ योजना ने कई नवीन साधनों जैसे – ग्रामीण क्लिनिक, मोबाईल स्वास्थ्य केंद्र और जागरूकता कैम्प्स के द्वारा अत्यन्त जरुरी मुफ्त चिकित्सा को ऐसे लोगों तक पहुंचाया है, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरुरत है।

ईशा विद्या, ईशा शिक्षा की एक पहल है, जो ग्रामीण भारत के बच्चों को गरीबी की गिरफ्त से बाहर निकलने में मदद करती है। ईशा विद्या के 9 स्कूलों में 5200 बच्चों को स्कोलर्शिप्स के आधार पर कंप्यूटर आधारित अंग्रेजी शिक्षा दी जाती है। ईशा के सरकारी स्कूल अंगीकरण कार्यक्रम ने 31 स्कूलों के 28,000 बच्चों को सहायक कक्षाएं, सम्पूर्ण शिक्षा, और कारगर शिक्षा विधियां भेंट की हैं।

प्रोजेक्ट ग्रीन हैंड्स (PGH) – ग्रीन हैंड्स परियोजना ने पूरे देश में 2 करोड़ से ज्यादा पौधे (जिनमें सत्तर फीसदी पौधे जीवित रहे) लगाएं हैं। इस परियोजना का लक्ष्य 11 करोड 40 लाख पेड़ लगाने का है।

एक आत्मज्ञानी योगी की उपस्थिति में सम्यमा ऐसी संभावनाएं प्रदान करता है जिससे इसमें भाग लेने वाले लोग चेतना के उच्च स्तरों को छूने के काबिल हो जाते हैं तथा ध्यान की विस्फोटक अवस्थाओं का अनुभव करते हैं।
इस परियोजना ने एक पहल के रूप में, साल 2006 में, तीन दिनों के भीतर, 852,587 पौधे लगाकर, गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अपने उत्कृष्ट कार्यों की वजह से, इसे साल 2010 में भारत के सबसे बड़े पर्यावरण सम्मान – इंदिरा गाँधी पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक जागरण – ईशा योग केंद्र में हर वर्ष फरवरी और मार्च के महीने में संगीत और नृत्य का उत्सव यक्ष और आनंद व कृपा से सराबोर रात्रि महाशिवरात्रि मनाई जाती है। ये कार्यक्रम बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। पूरे भारत और विश्व के हरेक कोने से आए तीन लाख से भी अधिक लोग रात भर मनाये जाने वाले इस उत्सव में सद्गुरु के सान्निघ्य का आनंद उठाते हैं।

ईशा योग केंद्र कैसे पहुंचे

ईशा योग केंद्र कोयंबटूर से 30 किलोमीटर पश्चिम में वेलंगिरि पहाड़ों की तलहटी में स्थित है। दक्षिण भारत का एक प्रमुख औद्योगिक शहर कोयंबटूर वायु मार्ग, रेल मार्ग और सडक़ मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और बंगलौर से कोयंबटूर तक की नियमित उड़ाने हैं। भारत के सभी बड़े शहरों से रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। कोयंबटूर से ईशा योग केंद्र तक नियमित बस और टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।


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