संगीत

भारतीय शास्त्रीय संगीत पश्चिमी संगीत से कैसे अलग है

भारतीय शास्त्रीय संगीत पश्चिमी संगीत से कैसे अलग है?

जानते हैं कि कैसे भारतीय शास्त्रीय संगीत में संगीत एक खोज की तरह है, कोई संगीतकार किसी चीज़ को दोहराता नहीं। जबकि पश्चिमी शास्त्रीय... ...
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2 संगीतकार जिन्होंने तानसेन को भी पिछाड दिया!

संगीत की शक्ति को समझाते हुए सद्‌गुरु दो बहनों की कहानी सुना रहे हैं, जो संगीत में इतनी निपुण थीं, कि उन्होंने अपने संगीत... ...
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धन्यवाद गीत : साउंड्स ऑफ़ ईशा की अनूठी प्रस्तुति

साउंड्स ऑफ़ ईशा का यह गीत धन्यवाद के भाव की एक संगीतमय प्रस्तुति है। हम इस गीत के द्वारा सद्‌गुरु को हमारे जीवन में प्रेम, आनंद और बोध पैदा करने के लिए धन्यवाद दे रहे हैं... ...
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चंद्रजीवन – चाँद सा मेरा जीवन

चंद्रजीवन – चाँद सा मेरा जीवन

हमारे नए एल्बम के शीर्षक गीत - चंद्र्जीवन - को पूर्णिमा के दिन सद्‌गुरु के साथ एक सत्संग के लिए रचा गया था। यह गीत हमारे जीवन की तुलना चंद्र की कलाओं से करता है। ...
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साउंड्स ऑफ़ ईशा का हिंदी एल्बम : चंद्रजीवन

साधक की भक्ति, असमंजस, विरह की पीड़ा और गुरु-प्रेम आदि भावों को ध्वनी और शब्दों के माध्यम से व्यक्त करने का - साउंड्स ऑफ़ ईशा का - एक प्रयास है "चंद्रजीवन"। ...
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साउंड्स ऑफ़ ईशा की नई संगीतमयी भेंट

संपूर्णता का संगीत: साउंडस ऑफ ईशा की नई भेंट

आज के ब्लॉग में सुनें साउंड्स ऑफ़ ईशा का नया गीत, “होलनेस”, जो हमें साल 1994 में आयोजित नब्बे दिन के होलनेस कार्यक्रम की याद दिलाता है। ...
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लिंग भैरवी: एक दैवीय यंत्र

लिंग भैरवी: एक दैवीय यंत्र

ईशा आश्रम में ध्यानलिंग के पास ही स्थित हैं लिंग भैरवी। लोगों के मन में अकसर सवाल उठता है कि आखिर देवी का स्वरुप लिंग भैरवी के रूप में ही क्यों स्थापित किया गया है? आज के स्पॉट में सद्‌गुरु इस सवाल का जवाब दे रहे हैं और ...
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एप्पड़ी तां - साउंड्स ऑफ़ ईशा की नई प्रस्तुति

एप्पड़ी तां – साउंड्स ऑफ़ ईशा की नई प्रस्तुति

यह गीत “एप्पडी तां” ऊथुकादु वेंकट सुब्बैयर के द्वारा लिखा गया है। यह गीत एक कृष्ण भक्त की दृष्टि से जीवन का वर्णन करता है। ...
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यक्ष महोत्सव 2015 : भाग – 2

'यक्ष' ईशा योग केंद्र में मनाया जाने वाला सात दिन का सांस्कृतिक उत्सव है। यहां हम भारत की सांस्कृतिक विरासत - शास्त्रीय संगीत, नृत्य और शास्त्रीय वादन - आपके लिए ले कर आते है। इस उत्सव में देश के मशहूर कलाकार हर शाम अपन ...
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