कर्म

मुक्ति और कर्म - कर्मों से बंधे हैं हम

मुक्ति और कर्म – कर्मों से बंधे हैं हम

सद्‌गुरु से प्रश्न पूछा गया कि अगर हमारे दुःख पिछले कर्मों का नतीजा हैं, तो अब हमें कैसे काम करने चाहिएं जिससे कि भविष्य... ...
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इच्छा और कर्म में क्या संबंध है?

इच्छा और कर्म में क्या संबंध है?

सद्‌गुरु बता रहे हैं कि इच्छाएं अस्तित्व से सम्बंधित हैं, और हर हाल में इच्छाएं होंगी ही। लेकिन आप किस विषय के बारे में... ...
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आध्यात्मिक बनने के 3 तरीके

आध्यात्मिक बनने के 3 तरीके

कुछ लोगों को धीमी रफ्तार पसंद है तो कुछ को तेज गति से चलना अच्छा लगता है। अब आपको क्या पसंद है उसी के अनुसार आप चुन सकते हैं अपनी आध्यात्मिकता का रास्ता। लेकिन कैसे? ...
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क्या हमारे दुःख पिछले कर्मों के परिणाम हैं?

क्या हमारे दुःख पिछले कर्मों के परिणाम हैं?

जीवन के दुःख का स्रोत हमारे पुराने कर्मों को माना जता है, लेकिन क्या हर दुःख कर्म की उपज है? कैसे पता चल सकता है हमें? क्या कर्मों को मिटाने का कोई उपाय है? ...
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कैसे बनाएं अपने कर्म को कर्म योग

कैसे बनाएं अपने कर्म को कर्म योग?

गीता के सबसे प्रसिद्द सूत्रों में से एक है - कर्म करो पर फल की इच्छा न करो। इसे अपने जीवन में कैसे अपना सकते हैं, और ये अपनाने से क्या बदलाव आ सकता है? ...
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कर्मयोग : अपने हर काम को योग बना लें

कर्मयोग : योग में स्थित होकर करें अपना हर काम

कर्मयोग दो शब्दों को जोड़कर बनता है – कर्म और योग। हमारा काफी समय ऑफिस या घर पर काम करते हुए जाता है। अपने कर्म को योग बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं। ...
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ईशा लहर – जुलाई 2015: जानें अपने कर्मों का मर्म

ईशा लहर – जुलाई 2015: जानें अपने कर्मों का मर्म

हम कैसे जानें कि किस तरह का कर्म करना हमारे लिए अच्छा होगा? और जो कर्म अपने जीवन में हम आज तक कर चुके हैं, क्या उनके प्रभाव से बचा जा सकता है? आइये इस बार के अंक में इसे गहराई से समझते हैं. ...
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कर्म

कर्म एक बंधन है – चाहे वो अच्‍छा हो या बुरा

कर्मों को लेकर हमारे मन यह बात उठती रहती है कि कौन से कर्म अच्छे हैं और कौन से बुरे? लेकिन बहुत सी बार हम इस दुविधा में ही रहते हैं, कि कोई कार्य जो हमने या किसी और ने किया, वो एक अच्छा कर्म था या फिर बुरा...आइये जानते ह ...
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