जिज्ञासु

Deja vu

देजा-वू: जब घटे एक ही घटना बार बार

आपको चाहे जो अनुभव हों, वे चाहे जैसे भी हों, आप बस उनका आनन्द लीजिए, फिर उन्हें जाने दीजिए, उन्हें जमा मत करते जाइए। अगर आप इन्हें बटोरने लगे, तो एक समय के बाद आप वहम के शिकार हो जाएंगे, आपको मतिभ्रम होने लगेगा­­­... ...
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featured-out

शंका से ही होती है खोज की शुरुआत

शंका से आपका आध्यात्मिक विकास धीमा नहीं होता, बल्कि इससे तेजी ही आती है। सच्चे शंकालु व्यक्ति ही सच्चे आध्यात्मिक बनते हैं क्योंकि वे... ...
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क्या वाकई ईश्वर हैं?

क्या वाकई ईश्वर हैं?

कुछ ईश्वर को मानते हैं तो कुछ उसके अस्तित्व को नकारते हैं। ऐसे इंसान कम ही हैं जो असलियत को जानना चाहते हैं। आईए देखते हैं सद्‌गुरु क्या कहते हैं: ...
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confusion

क्या करूं क्या ना करूं

हम अपने जीवन में अनेक चुनौती भरा काम करते हैं और जोखिम भरे फैसले लेते हैं जो आगे चलकर हमारा भविष्य तय करते हैं। लेकिन कब क्या निर्णय लेना है या काम करना है - यह कैसे पता चले? पढिए सद्गुरू इस बारे में क्या कहते हैं‐‐‐‐ ...
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