मासिक पत्रिका

ईशा लहर – अगस्त 2015: भारत - बन सकता है जगत-गुरु

ईशा लहर – अगस्त 2015: भारत – बन सकता है जगत-गुरु

ईशा लहर के अगस्त अंक में हम भारतीय संस्कृति की विशेषताओं के बारे में चर्चा कर रहे हैं। भारत के उत्सव, भारत की आध्यात्मिकता... ...
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ईशा लहर – जुलाई 2015: जानें अपने कर्मों का मर्म

ईशा लहर – जुलाई 2015: जानें अपने कर्मों का मर्म

हम कैसे जानें कि किस तरह का कर्म करना हमारे लिए अच्छा होगा? और जो कर्म अपने जीवन में हम आज तक कर चुके हैं, क्या उनके प्रभाव से बचा जा सकता है? आइये इस बार के अंक में इसे गहराई से समझते हैं. ...
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योग – एक विज्ञान; भारत का सम्मान

ईशा लहर – जून 2015: योग – एक विज्ञान; भारत का सम्मान

आइये इस माह के संपादकीय में हम योग के आधुनिक जीवन में महत्व, और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग को मान्यता मिल जाने से पैदा हुई असीम संभावनाओं पर गौर करें... ...
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ईशा लहर मई 2015 : मौन में मिला एक ठांव

ईशा लहर – मई 2015: मौन की छांव में मिला एक ठांव

हमारा आज का ब्लॉग, ईशा हिंदी की मासिक पत्रिका ईशा लहर की एक झलक है। इस महीने ईशा लहर का मुख्‍य विषय है मौन । इस माह के संपादकीय में आप महसूस करेंगे मौन का एक स्‍पंदन। 52 पृष्ठों की इस रंगीन पत्रिका में... ...
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