रीढ़ की सर्जरी न करवाने की सलाह, आखिर क्यों?

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रीढ़ और मस्तिष्क की सर्जरी को लेकर लोग अकसर शंका में रहते हैं। क्योंकि ऐसी सर्जरी के उलटे प्रभाव देखे गए हैं। लेकिन क्या इस तरह की किसी सर्जरी का आपकी साधना पर भी प्रभाव पड़ सकता है?

प्रश्न: सद्‌गुरु, क्या पीठ या मस्तिष्क की सर्जरी या दूसरी चिकित्सा विधियों का इंसान की कुंडलिनी और आध्यात्मिक साधना पर असर पड़ता है?

सद्‌गुरु:

हम हमेशा सलाह देते हैं कि आप सर्जरी या चिकित्सा करवाने की बजाय अपनी रीढ़ को मजबूत बनाएं। उस जगह के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।
यह हमारी खुशकिस्मती है कि सर्जन चक्रों का ऑपरेशन नहीं करते हैं, वे शरीर का ऑपरेशन करते हैं। जब तक कोई गंभीर बात न हो, आप मस्तिष्क की सर्जरी के लिए नहीं जाते, इसलिए इस बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। शायद आप बाल प्रत्यारोपण (नए बाल लगवाने) के लिए जाएं, लेकिन  यह आपके लिए ज़रूरी नहीं है । अगर आपके पास बाल न हों, तो आपका बहुत समय बचेगा और साधना के लिए ज्यादा समय मिलेगा!

लेकिन रीढ़ की सर्जरी लोगों पर असर डाल सकती है। हम हमेशा सलाह देते हैं कि आप सर्जरी या चिकित्सा करवाने की बजाय अपनी रीढ़ को मजबूत बनाएं। उस जगह के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, सिर्फ ऐसे लोग उस पर कार्य कर सकते हैं जो इस बारे में वाकई जागरूक हों।

मसाज थैरेपी, कायरोप्रैक्टिक विधियों और ऐसी बाकी चीजों से भी बचना चाहिए। आपके अनुभव का दायरा आपकी रीढ़ से बढ़ता है। इसलिए जब रीढ़ की चिकित्सा विधियों की बात होती है, तो उनसे परहेज करना सबसे अच्छा है। 
आप अभी जो भी अनुभव कर रहे हैं, उसका आधार आपकी रीढ़ है। अगर आप  अपनी मौजूदा सीमाओं से ऊपर उठना चाहते हैं, तो यह आपके शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी वजह से मसाज थैरेपी, कायरोप्रैक्टिक विधियों और ऐसी बाकी चीजों से भी बचना चाहिए, इसलिए नहीं कि वे कुछ गलत कर रहे हैं। बात सिर्फ इतनी है कि अगर आप अपने अनुभव का दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो रीढ़ बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि आपका अनुभव आपकी रीढ़ से बढ़ता है। इसलिए जब रीढ़ की चिकित्सा विधियों की बात होती है, तो उनसे परहेज करना सबसे अच्छा है, जब तक कि किसी दुर्घटना में बहुत गंभीर स्थिति न हो या कोई ऐसी चोट  न हो, जिसे सर्जरी के बिना ठीक न किया जा सकता हो। अगर सिर्फ थोड़ा-बहुत दर्द और परेशानी हो, तो इन चीजों को ठीक किया जा सकता है। उसे मजबूत करने में मेहनत लगती है लेकिन आप उसे मजबूत बना सकते हैं। रीढ़ आपके शरीर के किसी दूसरे अंग की तुलना में खुद को ठीक करने में अधिक सक्षम है। डिस्क की समस्या वाले हजारों लोग बस कुछ खास अभ्यासों से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।

जो डिमेंशिया पीड़ित हैं, वे अगर सही साधना करें तो उनकी स्थिति सुधर सकती है।
जीवन-ऊर्जा के मामले में रीढ़ बहुत ही सक्रिय अंग है। इसीलिए जो कोशिकाएं वहाँ नष्ट हो जाती हैं, उन्हें आसानी से पैदा किया जा सकता है  और उनमें ताजगी लाई जा सकता है। आप अपने मस्तिष्क में भी आसानी से यह काम कर सकते हैं। जो लोग डिमेंशिया जैसी बीमारी से पीड़ित हैं, वे अगर सही साधना करें तो उनकी स्थिति सुधर सकती है। अभी भी आपके जीवन में कितने न्यूरॉन सक्रिय हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने मस्तिष्क का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। जब आप थोड़े हताश, नशे में या डिप्रेशन में होते हैं, तो न्यूरॉनों की संख्या काफी कम हो सकती है। सही साधना करते हुए आप इसे बढ़ा सकते हैं। यह निश्चित रूप से हर इंसान के लिए एक वरदान होगा, चाहे वह जो भी हो। थोड़ी और बुद्धि से दुनिया को सिर्फ फायदा ही होगा ।

यह मस्तिष्क इतनी जटिल मशीनरी है कि अधिकतर लोगों को पता नहीं होता कि इसे कैसे इस्तेमाल किया जाए। इसका इस्तेमाल करना सीखने के लिए काफी ध्यान और समर्पण की ज़रूरत है। 
ब्लू ब्रेन प्रोजेक्ट में हेनरी मार्करम ने मस्तिष्क पर काफी शोध किया है। पहली बार इंसानी मस्तिष्क का पूरी तरह पता लगाया गया है। वे एक वर्चुअल, इलेक्ट्रानिक मस्तिष्क बना रहे हैं जिसमें एक नकली मानव मस्तिष्क होगा और उसके साथ एक कीबोर्ड जुड़ा हुआ होगा। अभी आपकी समस्या यह है कि आपके पास मस्तिष्क है, लेकिन कीबोर्ड नहीं है। कोई चीज काम करती है, कोई नहीं करती। अगर आपके पास अपने मस्तिष्क के लिए एक पूर्ण विकसित कीबोर्ड हो, और अगर आप जो चाहें उस पर टाइप कर सकें, तो आप हजार गुना अधिक समर्थ हो जाएंगे, क्योंकि मानव मस्तिष्क बहुत जटिल क्रियाओं में सक्षम है। यह मस्तिष्क इतनी जटिल मशीनरी है कि अधिकतर लोगों को पता नहीं होता कि इसे कैसे इस्तेमाल किया जाए। इसे इस्तेमाल करना सीखने के लिए काफी ध्यान और समर्पण की ज़रूरत है। मेरे ख्याल से अधिकतर लोग अपने कंप्यूटर की क्षमताओं काभी सिर्फ एक हिस्सा ही इस्तेमाल करते हैं। उस मशीन का इस्तेमाल करने के बहुत से तरीके हैं लेकिन हर कोई इस बारे में नहीं जानता। यही बात मस्तिष्क पर भी लागू होती है – यह बहुत सी चीजें करने में समर्थ है, लेकिन वह आपकी उंगलियों के इशारे पर अभी काम नहीं कर रही है – समस्या बस यही है।


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  • Rabi Shankar Sathua

    Namaskaram Sadhguru,
    I am having problem with slip disk in my neck , please guide whom to contact for sadhana. I don’t want to go through surgery. I have gone through severe pain and still not able to continue to start my day to day life or my sadhana after a month. Please guide.
    Namaskaram,
    Rabi Shankar
    Rabisathua@yahoo.com
    Rabi.shankar001@gmail.com