नये ब्लॉग पोस्ट

सहस्रार चक्र – परमानंद व भरपूर नशे का केंद्र

 इस ब्लॉग में सद्‌गुरु सहस्रार चक्र के बारे में बता रहे हैं, जिसमें भरपूर नशा और परमानंद हैं। वह समझा रहे हैं कि क्यों... ...
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आदियोगी शिव हमारे लिए आज इतने महत्वपूर्ण क्‍यों हैं?

 हम आज के समय में भी आदियोगी शिव के बारे में बात क्यों करते हैं? सद्‌गुरु समझा रहे हैं कि आदियोगी शिव ने मनुष्य... ...
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आत्म-ज्ञान इतना मुश्किल क्यों लगता है?

 लोग आत्म-ज्ञान पाने के लिए जंगलो या पहाड़ों पर जाते हैं, तो क्या इसे पाना वाक़ई मुश्किल है? क्या हर कोई इसे पाने के... ...
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संन्यास – दुनिया को छोड़ना नहीं, खुद को भीतर मोड़ना है

भारतीय परंपरा में इंसान के जीवन को चार चरणों में बांट कर देखा गया है- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। क्या ब्रह्मचर्य और संन्यास... ...
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