नये ब्लॉग पोस्ट

सम्यमा कार्यक्रम – ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होगा

अमेरिका के टेनेसी स्थित ईशा आश्रम से लिखते हुए आज के स्पॉट में सद्‌गुरु बता रहे हैं कि किस तरह सम्यमा एक कार्यक्रम नहीं,... ...
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शरीर के 112 चक्रों को 7 चक्रों के रूप में क्यों जाना जाता है?

मानव शरीर में 112 चक्र होते हैं, लेकिन आदियोगी शिव ने इन्हें सात वर्गों में बांटा था और सप्त ऋषियों को दीक्षित किया था।... ...
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आध्यात्मिक खोज – छू गया मुझे स्वयंसेवी लीला का अनूठा व्‍यक्तित्‍व

पेश है इस धारावाहिक की अगली कड़ी जिसमें वे सद्‌गुरु की सहायक स्वयंसेवी लीला से अपनी मुलाक़ात के अनुभव साझा कर रही हैं। हम... ...
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अनामिका या रिंग फिंगर में क्यों पहनते हैं अंगूठी

अनामिका या रिंग फिंगर में क्यों पहनते हैं अंगूठी?

सगाई की अंगूठी हो या पूजा पाठ की रश्में, हमारी संस्कृति में अनामिका यानी रिंग फ़िंगर को बहुत अहमियत दी गई है, आख़िर क्यों?... ...
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कुमकुम, चंदन और विभूति – क्यों बांटे जाते हैं मंदिरों में?

मंदिरों से लेकर स्त्रियों के माथे तक पर कुमकुम और विभूति जैसी चीज़ें इस्तेमाल होती हैं। मंदिरों में भी इन्हें बांटा जाता है। इस... ...
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स्वाधिष्ठान चक्र

स्वाधिष्ठान चक्र : देवी-देवताओं को रचने की महारत देता है

सद्‌गुरु हमें बता रहे हैं कि स्वाधिष्ठान वो केंद्र है जिसका इस्तेमाल बच्च पैदा करने के लिए या फिर देवी देवताओं को रचने के... ...
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मूलाधार चक्र की साधना करने के तीन प्रमुख फायदे

मूलाधार शरीर का सबसे बुनियादी चक्र है। मूलाधार साधना पीनियल ग्लैंड से जुड़ी है, और इस साधना से तीन बुनियादी गुण सामने आ सकते... ...
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श्री राम का जीवन - इनर मैनेजमेंट की मिसाल

श्री राम का जीवन – इनर मैनेजमेंट की मिसाल

 क्यों पूजा जाता है श्री राम को भारतीय संस्कृति में? उनका पूरा जीवन तकलीफों और दुर्घटनाओं से भरा रहा, फिर भी उनमें ऐसे गुण... ...
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