आप धरती ही तो हैं

आइये अर्थ डे पर जानते हैं कि क्यों हमारा और धरती का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण है

यह हमारा घमंड ही है कि हम यह सोचें कि हम धरती के लिए एक दिन तय करेंगे! दिन और रात दोनों ही धरती के घुमने के कारण ही होते हैं। हमारा शरीर भी धरती का ही एक हिस्सा है। हम जो भी हैं वह यह धरती ही है। और धरती अपने आप में एक ग्रह नहीं है। यहां पर जो भी होता है, उस पर सूर्य और चंद्र का असर पड़ता है। इसलिए जब हम धरती की बात करते हैं, तब हमें सूर्य और चंद्र को भी शामिल करना होगा।

यह अच्छा है क्योंकि, जो लोग यह भूल चुके हैं – कि वे इस धरती का एक उभरा हुआ भाग हैं, और यह कि वे धरती के गर्भ से कुछ ही समय के लिए बाहर आए हैं और एक दिन इसी धरती में समा जायेंगे – उन लोगों को यह दिन इस सच्चाई की याद दिलाता है। 22 अप्रैल हमें यह याद दिलाता है कि हम इसी धरती का एक हिस्सा हैं।

अगर मनुष्यता को एक लम्बे समय तक अस्तित्व में रहना है, तो आपको धरती की तरह सोचना होगा, धरती की तरह बर्ताव करना होगा और धरती की तरह बन जाना होगा, क्योंकि आप धरती ही हैं।

 


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