शम्भो – शिव को बुलाने का शक्तिशाली मंत्र

Shambho

Sadhguru

शम्भो, शिव का वह रूप है जिसमें हम उन्हें आसानी से यहां अपने पास बुला सकते हैं, उस रूप में वह किसी और रूप से अधिक बेहतर तरीके से हमें जवाब देते हैं।

सद्‌गुरु:
शिव के एक महत्वपूर्ण पहलू को शम्भो नाम से जाना जाता है। आम तौर पर शम्‍भो जो मूल ऊर्जा का ही एक पहलू है, की आराधना आध्यात्मिक लोगों द्वारा की जाती है। शम्भो शब्द का अर्थ है “वह जो पावन है”। आपके साथ जो सबसे पावन या शुभ बात घटित हो सकती है वो है आपका आत्मबोध, यानी अपने भीतर की चरम ऊंचाई को छू पाना।

दुर्भाग्यवश, हम सोचते हैं कि शादी करना बहुत शुभ है, नौकरी में तरक्‍की पाना बहुत शुभ है, नया घर बनाना बहुत शुभ है। लेकिन आपके जीवन में आपके लिए सबसे शुभ बात तो यह हो सकती है कि आप अपने अंदर ऊंचाई के चरम को छुएं। शम्भो, शिव का वह रूप है जिसमें हम उन्हें आसानी से यहां अपने पास बुला सकते हैं, उस रूप में वह किसी और रूप से अधिक बेहतर तरीके से हमें जवाब देते हैं। ईशा योग केंद्र में शम्‍भो बहुत प्रधान पहलू रहा है। ईशा योग केंद्र की शुरुआत से लेकर उसे विकसित करने और उसे परम ऊंचाई तक ले जाने में शम्भो की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।  

शम्भो शिव का एक पावन और बहुत सौम्य रूप है, जो दुर्लभ है। शिव आम तौर पर उग्र होते हैं लेकिन यह शिव का बहुत सौम्य, सुंदर रूप है। ये रूप लोगों द्वारा स्थापित किए गए थे, ताकि दूसरे उनका प्रयोग कर सकें।

कुछ खास योग-प्रणालियों में, लोग शक्तिशाली रूपों के सृजन में महारत हासिल कर लेते हैं। आपने इस तरह की बातें सुनी होंगी कि रामकृष्ण परमहंस काली को अपने हाथों से खाना खिलाते थे और वह खाती थीं। यह सौ फीसदी सच्चाई है। एक तार्किक और विचारवान दिमाग को यह पूरी तरह बकवास लग सकता है। उन्हें लग सकता है कि वह जरूर मतिभ्रम में रहे होंगे। यह मतिभ्रम नहीं था, बात सिर्फ इतनी है कि उनकी चेतनता इतनी सघन और दृढ़ थी कि वह जिस रूप की पूजा करते थे, वह वहीं सृजित हो जाता था। आप काली को चाहते हैं, काली यहां है। आप जो भी चाहते हैं, वह यहीं पर पैदा हो जाएगा क्योंकि काफी समय पहले साधना के लिए इन रूपों को स्थापित किया गया था। विभिन्न योगियों, विभिन्न प्रणालियों ने अलग-अलग रूप पैदा किए। यहां बहुत खूबसूरत रूप भी हैं, और डरावने रूप भी। लोगों ने हर तरह के रूप स्थापित किए।

शिव शम्भो

शम्भो शिव का एक पावन और बहुत सौम्य रूप है, जो दुर्लभ है। शिव आम तौर पर उग्र होते हैं लेकिन यह शिव का बहुत सौम्य, सुंदर रूप है। ये रूप लोगों द्वारा स्थापित किए गए थे, ताकि दूसरे उनका प्रयोग कर सकें। उन्हें ऐसे अविनाशी रूपों में ढाला गया है कि अगर आप चाहें तो अपने अनुभव में उन्हें उतार सकते हैं।

शम्भो ध्वनि बहुत ही महत्वपूर्ण है। इन पहाड़ों (वेलंगिरि पहाड़ को इंगित करके) में शम्भो मंत्र मूल रूप से गूंज रहा है। इन पहाड़ों से इस मंत्र की ध्वनि या गूंज झरने की तरह बह रहा है। कई रूपों में, यह स्थान (ईशा योग केंद्र) उस ध्वनि के आस-पास रचा गया है। किसी जीव को उलझन से मुक्‍त करके आजादी की एक खास अवस्‍था तक पहुंचाने में इस ध्वनि की शक्ति और क्षमता अद्भुत है।


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  • Omkar Narayan

    Isn’t the word Shambho the mispronunciation of the word Swayambho?

  • जीवन यादव

    शिव सम्भु को बुलाने की मंत्र चाहिए

  • Bhishma Pradhan

    भवदीय इतने सारे विशिष्ट, अद्भुत और अद्वितीय शक्तियों, साधकों के रहते भारत में गरीबी, अशिक्षा, कई बार गुलामी का सामना क्यों ???

    • ANIL KHOPADE

      Probably instead of believers and followers we have developed attitude of questioners, we want results without efforts.. those who fought freedom fights, sacrify everything in belief of freedom labeled mad by people who were questioning without trying and now that we are free still some are questioning without trying