नवम्बर 2016 – सद्‌गुरु के साथ सत्संग और कार्यक्रम


जानते हैं दिसम्बर माह में आयोजित हुए ऐसे कार्यक्रमों और सत्संगों के बारे में जिनमें सद्‌गुरु उपस्थित थे

इनसाइट प्रोग्राम – नेतृत्व के गुुणों को निखारने का एक अवसर

26 नवंबर, 2016, कोयंबटूर: ईशा योग केंद्र में 24 से 27 नवंबर तक हुए वार्षिक इनसाइट प्रोग्राम में 200 से अधिक उद्योगपति और उद्यमी एक साथ नजर आए।

सद्‌गुरु के साथ सत्संग और उनके दर्शन के लिए 7000 से ज्यादा मुंबई वासियों ने 3 घंटे के ‘मिस्टिक ऑई’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इसके साथ ही फैकल्टी अध्यक्ष के रूप में केलॉग स्कूल ऑफ  मैनेजमेंट के पूर्व डीन डॉ. दीपक जैन और सद्गुरु तथा समन्वयक के रूप में शॉपर्स स्टॉप लिमिटेड के अकार्यकारी उपाध्यक्ष बी. एस. नागेश मौजूद थे। भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य, पीरामल समूह और श्रीराम समूह के अध्यक्ष अजय पीरामल ने अपने अनुभव साझा किए और बड़े कारपोरेट चलाने पर अपने दृष्टिकोण प्रतिभागियों के सामने रखे।

माननीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा,‘कारोबार करने के मूल्य आपके जीवन मूल्यों से अलग नहीं हैं। हर स्त्री एक नेता है। नेतृत्व मुख्य रूप से मजबूतियों और कमजोरियों की पहचान करने की नारीसुलभ भावना को विकसित करता है। एक स्त्री बड़ी ही सौम्यता से अपनी टीम को यह कह सकती है कि हम एक टीम के रूप में कैसे एक साथ लाभान्वित हो सकते हैं।’

मुंबई में ‘मिस्टिक ऑई’ कार्यक्रम

20 नवम्बर, मुंबई: सद्‌गुरु के साथ सत्संग और उनके दर्शन के लिए 7000 से ज्यादा मुंबई वासियों ने 3 घंटे के ‘मिस्टिक ऑई’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ये एक ऐसा सार्वजानिक आयोजन था जिसमें लोगों ने शुल्क देकर हिस्सा लिया। सीमित सीटों की वजह से इसमें काफी लोग हिस्सा नहीं ले पाए।

चेन्नई में वालंटियर सत्संग

21 नवम्बर, चेन्नई, मीनाक्षी कॉलेज, 4000 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने सद्‌गुरु के साथ सत्संग में भाग लिया।

कोटिदीपोत्सवं

5 नवम्बर, हैदराबाद : कोटिदीपोत्सवं उत्सव में ईशा को लगातार तीसरी बार अग्नि नृत्य की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया। इस समारोह का भक्ति टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया।

इस विशाल समारोह में भाग लेने आए हज़ारों लोगों को सद्‌गुरु ने कोटिदीपोत्सवं के विज्ञान के बारे में बताया। सद्गुरु ने इस बात पर जोर दिया कि इस संस्कृति में कुछ भी ऐसा नहीं किया गया जिसका कोई वैज्ञानिक कारण न हो।

हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन

2 दिसम्बर, नई दिल्ली : हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जिसमें जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों के शीर्ष नेता समाज को आगे बढ़ाने की राहों पर चर्चा करते हैं।

इस विशाल समारोह में भाग लेने आए हज़ारों लोगों को सद्गुरु ने कोटिदीपोत्सवं के विज्ञान के बारे में बताया। सद्‌गुरु ने इस बात पर जोर दिया कि इस संस्कृति में कुछ भी ऐसा नहीं किया गया जिसका कोई वैज्ञानिक कारण न हो।

14वें हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन में 21 नेताओं और प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया। सद्गुरु का सत्र, माननीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली के शुरूआती सत्र के बाद था। सद्गुरु ने मुख्य रूप से नेतृत्व को निजी आकांक्षाओं से परे जाकर, दूरदर्शिता को अपनाने पर जोर दिया। एक ऐसी दूरदर्शिता जिससे अपने भीतर और आसपास के लोगों के लिए पूर्ण रूप से विकास सम्भव हो सके।


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